
करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी रोडवेज को हो रहा नुकसान
कोटा . घाटे से जूझ रही राजस्थान रोडवेज को तकनीक से जोडऩे के लिए रोडवेज प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए गए है। जिनमें ऑनलाइन टिकट, स्मार्ट कार्ड, टिकट काटने की मशीनों सहित अन्य कई तकनीकी उपकरणों को शामिल किया गया था, लेकिन कुप्रबंधन के चलते रोडवेज फिर से पुराने ढर्रे पर नजर आ रही है। जिसका उदाहरण ईटीएम मशीन के मामले में देखने को मिल रहा है। प्रदेश भर में अधिकांश ईटीएम मशीनें खराब हो चुकी हैं, जिससे परिचालकों को फिर से डायरी से टिकट काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
मासिक पास वालों को आ रही परेशानी
रोडवेज ने मासिक पास, रियायती कार्ड को भी स्मार्ट कार्ड बनाया गया था, लेकिन ईटीएम मशीनों के खराब होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानियां इन्हीं यात्रियों को हो रही है। मशीनें खराब होने के कारण परिचालक द्वारा डायरी से टिकट काटा जा रहा है। ऐसे में उन यात्रियों के कार्ड रिनिवल होने की जानकारी नहीं मिल पाती है और परिचालक टिकट नहीं बनाता है।
ऐसे में यात्रियों व परिचालकों में कई बार नोंक-झोंक भी हो जाती है। मशीनें खराब होने के कारण रोडवेज को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। कई बार ईटीएम रास्ते में काम नहीं करती और डायरी में टिकट कम होने के कारण परिचालक यात्रियों को बस में नहीं बिठाते। जिससे रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
प्रदेश भर में आ रही परेशानी
रोडवेज प्रशासन ने सात साल पहले प्रदेश भर में साढ़े छह हजार ईटीएम मशीनें परिचालकों को दी थीं। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में प्रत्येक डिपो में 50 प्रतिशत मशीनें खराब हो चुकी है। खराब मशीनों को जयपुर मुख्यालय भेजा जाता है। डिपो स्तर पर जुगाड़ से ठीक की गई ईटीएम कई बार रास्ते में फिर खराब हो जाती हैं।
Published on:
28 May 2018 03:25 pm
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