
कोटा .
किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान संयुक्त समन्वय समिति के आह्वान पर गुरुवार को हाड़ौती की अधिकांश मंडियों में दोपहर तक कारोबार बंद रहा। किसान प्रतिनिधियों ने मंडी गेट बंद कर प्रदर्शन किए। इसके चलते किसानों को परेशानी उठानी पड़ी। दोपहर बाद मंडियों में विभिन्न कृषि जिंसों की नीलामी शुरू हुई। जहां रात तक उपज की तुलाई जारी रही। कोटा कलक्ट्रेट पर चल रहा क्रमिक अनशन गुरुवार को भी जारी रहा।
समिति पदाधिकारी अब्दुल हमीद गौड़, फतेहचंद बागला, अखिल भारतीय किसान सभा के संभागीय संयोजक दुलीचंद बोरदा, पूर्व पार्षद सुरेश गुर्जर गुरुवार सुबह 11 बजे भामाशाह मंडी पहुंचे। उन्होंने मंडी गेट बंद कर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। बाद में अनंतपुरा पुलिस ने समझाइश कर गेट खुलवाया। वहीं कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन ने भी किसानों की मांगों के समर्थन में दोपहर 12 बजे तक कारेाबार बंद रखा।
अध्यक्ष अविनाश राठी ने बताया कि किसानों की मांगें जायज हैं, इसलिए सरकार को संदेश देने के लिए समर्थन किया है। बिना किसी परेशानी के खरीद केंद्रों पर गेहूं, चना, सरसों की पूरी उपज तोली जाए। राज्य सरकार द्वारा गेहूं पर 265 रुपए क्विंटल का बोनस दिया जाए। खरीद केंद्रों पर उपज बेचने के लिए किसान स्वतंत्र हो।
मंडी सचिव को घेरा
भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने दोपहर करीब एक बजे धान की नीलामी बंद करवा दी। बाद में मंडी कार्यालय पहुंचकर सचिव डॉ. आरपी कुमावत का घेराव किया। प्रदेशमंत्री मुकुट नागर ने कहा कि भरपूर आवक के सीजन में भी किसानों को मंडी में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही। नीलामी स्थलों की प्याऊ पर रखी टंकियों में गंदला पानी भरा है। किसानों को गर्म पानी पीना पड़ रहा है। एफसीआई 300 ग्राम अधिक उपज की तुलाई कर रही है। मंडी सचिव ने पर्यवेक्षक बुलाकर समस्या समाधान के निर्देश दिए।
एमएसपी खरीद में जिला बंदी से किसान परेशान
सांसद ओम बिरला ने गुरुवार को केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री सीआर चौधरी से मुलाकात कर एफ सीआई के खरीद केंद्रों पर किसानों को आ रही समस्याओं से अवगत कराया और समाधान का आग्रह किया।
सांसद बिरला ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि हाड़ौती में गेहूं की बम्पर पैदावार हुई है। सरकार ने एमएसपी पर गेहूं खरीद भी शुरू कर दी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसान परेशान हो रहा है। किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी जिलाबंदी के कारण आ रही है। इससे वे खरीद केंद्रों पर उपज नहीं बेच पा रहे हैं।
जिलाबंदी की पाबंदी समाप्त कर दी जाए तो हाड़ौती के किसानों की सारी उपज खरीद केंद्रों पर तुल सकेगी। वहीं एफसीआई द्वारा बटाईदार किसानों से जमीन मालिक का एक साल का अनुबंद मांगा जा रहा है, जो जमीन मालिक देने को तैयार नहीं होता। ऐसे में बटाईदार किसानों की उपज एमएसपी पर नहीं बिक पा रही।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन में किसानों के गिरदावरी व अन्य दस्तावेज मिसमेच होने से किसान परेशान हो रहा है। राजस्व रिकॉर्ड में नाम अलग है और आधार, राशन, भामाशाह कार्ड में नाम अलग है। इस पर केन्द्रीय मंत्री ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान के लिए आश्वस्त किया।
Published on:
06 Apr 2018 03:18 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
