
कोटा के सबसे बड़े अस्पताल में लाशों की सौदेबाजी, प्रशासन को खबर तक नहीं
कोटा. संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में संचालित एम्बुलेंस चालकों की मनमानी और झगड़ा बुधवार को एक मृतक के परिजनों के लिए परेशानी का सबब बन गया।
नम्बर से पहले शव ले जाने का आरोप लगाते हुए दो एम्बुलेंस चालक पहले तो आपस में झगड़े, फिर बीच रास्ते से शव को वापस एमबीएस अस्पताल लौटा लाए। पुलिस ने दखल कर दूसरी एम्बुलेंस से शव गांव भिजवाया।
Read More: पहले झगड़े फिर बीच रास्ते से शव लौटा लाए एम्बूलेंस चालक
देवली के आगे सावर थाना क्षेत्र के नापाखेड़ा निवासी मथुरालाल रैगर(60) को घर पर ही गिरकर घायल होने से परिजनों ने दस दिन पहले एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई। रिश्तेदार बन्नाराम रैगर ने बताया कि उन्होंने अस्पताल से शव गांव ले जाने के लिए 3500 रुपए में एम्बुलेंस किराए पर ली।
जैसे ही उन्होंने कुन्हाड़ी पेट्रोल पम्प पार किया, पीछे से दूसरी एम्बुलेंस का चालक वहां आया और उनकी एम्बुलेंस के चालक से यह कहकर झगड़ा करने लगा कि शव ले जाने का नम्बर उसका था। दोनों काफी देर वहीं झगड़े, फिर झगड़ते हुए ही शव वापस एमबीएस ले आए।
Read More: करंट लगने से हुई बच्चे की मौत
शव ले जाने में देर होने से परेशान हो उन्होंने एमबीएस पुलिस चौकी पर शिकायत दी। पुलिस ने मामला शांत कराया।पुलिस चौकी के सिपाही अनिल शर्मा ने बताया कि दोनों एम्बुलेंस चालक झगड़ रहे थे।
वे पहुंचे तो एक चालक वहां से भाग गया, दूसरे को नयापुरा थाने भिजवा दिया। इसके बाद मोर्चरी के बाहर से अन्य एम्बुलेंस बुला शव को गांव भिजवाया।एम्बुलेंस चालक द्वारा शव को वापस लाने के मामले को अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना ने नोडल अधिकारी डॉ. अमित जोशी को पाबंद किया है कि इस मामले में चालकों पर सख्ती की जाए और बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोगों को प्रति किलोमीटर रेट का पता चल सके। इस समय अपनी बारी आते ही मनमाने तरीके से लोगों से पैसा वसूला जा रहा है।
किसी ने कोई रिपोर्ट नहीं दी
राजेन्द्र सिंह, एएसआई, नयापुरा थाना का कहना है की एम्बुलेंस चालकों के विवाद का मामला आया था। लेकिन किसी ने कोई रिपोर्ट नहीं दी है। दोनों पक्षों को समझाइश कर मामला शांत कराया दिया।
Published on:
14 Jun 2018 02:07 pm

बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
