
कोटा. नगर निगम के अग्निशमन अधिकारियों ने शुक्रवार को सिटी मॉल की आग से बचाव के प्रबंधन की ऑडिट की। इसमें कई खामियां सामने आई।
आग से बचाव के उपकरण तो लगे मिले, लेकिन काम नहीं करना पाया गया। स्मोक डिटेक्टर कार्यशील नहीं मिले। कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरण चलाने का प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया था।
यह कमियां शुक्रवार को झालावाड़ रोड स्थित सिटी मॉल की सुरक्षा ऑडिट में मिली। इस संबंध में अग्निशमन अधिकारी ने एक रिपोर्ट भी तैयार की है, जिसे आलाधिकारियों को भेजेंगे।
अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास अपनी टीम के साथ सुबह करीब सवा ग्यारह बजे सिटी मॉल पहुंचे। उनके साथ रीको के अधिकारी भी थे। टीम पहले बैसमेंट स्थित पंप हाउस में पहुंची।
उन्होंने स्पिंलर (फव्वारा) सिस्टम की जांच की तो सही काम कर रहा था। उसके बाद बैसमेंट में गए। इलेक्ट्रीकल पेनल पर अग्निशमन उपकरण नहीं था। मौके पर छोटा अग्निशमन यंत्र (सीओ 2) लगवाया गया।
मॉल में सभी जगह स्मोक डिटेक्टर लगे थे, लेकिन वे काम नहीं कर रहे थे, जिसे तीन घंटे में चालू कराने को कहा। मौके पर पूरे मॉल में 101 छोटे अग्निशमन उपकरण मिले। सुरक्षा ऑडिट के दौरान मॉल को बंद रखा गया। शाम को मॉल खोल दिया गया।
स्पार्र्किंग से लगी आग
व्यास ने बताया कि जांच में पता चला कि रेस्टोरेंट के पिछले हिस्से में तारों में शॉर्ट सर्किट से आग लगी और चिमनी से होते हुए धुआं पूरे मॉल में फैल गया।
इमरजेंसी सीढि़यां व बाहर निकलने के एक गेट पर ताला लगा था, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। एक शोरूम में सामान छत से अड़ रहा था, जिसे हटाने को कहा गया। सीढि़यों पर रखा सामान हटवाया गया।
झूलों के पास थे नंगे तार
बच्चों को झूले वाले एक स्थान पर बिजली के नंगे तार थे। टीम ने मौके पर से तार हटवाए। बच्चों के झूलों के बीच पर्याप्त दूरी रखने को कहा।
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