2 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किशनगंज-शाहाबाद में चार नए जीएसएस स्वीकृत

कोटा

image

Newsdesk

Aug 02, 2026

Rajasthan

बारां. प्रदेश सरकार की ओर से जिले के किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में चार नए विद्युत ग्रिड स्टेशन स्वीकृत किए गए हैं। क्षेत्रीय विधायक ललित मीणा ने बताया कि किशनगंज विधानसभा क्षेत्र के लिए 04 नवीन 33/11 केवी ग्रिड स्टेशन स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मुंडियर (शाहाबाद), गणेशपुरा (शाहाबाद), रणवासी (भंवरगढ़) व चंदनहेड़ा (केलवाड़ा) शामिल हैं।
इन नवीन 33/11 केवी ग्रिड स्टेशन के निर्माण तथा 220 केवी ग्रिड स्टेशन केलवाड़ा एवं 132 केवी ग्रिड स्टेशन देवरी के पूर्ण होने के बाद शाहाबाद एवं किशनगंज क्षेत्र के किसानों को दो-ब्लॉक कृषि विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विद्युत परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है जिनमें 220 केवी ग्रिड स्टेशन, केलवाड़ा, 132 केवी ग्रिड स्टेशन सेमलीफाटक, रेलावन, देवरी व 33/11 केवी ग्रिड स्टेशन छीनोद, बांसथूनी,
सुवास,दुर्जनपुरा, सिमलोद, धुवा, संदोकड़ा व नारायणखेड़ा शामिल है।

बड़ी खबरें

View All

कोटा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग

45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।

Rajasthan