कोटा @ पत्रिका. मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघ एमटी-5 की लोकेशन नहीं मिल रही है। बाघ के बंद रेडियो कॉलर सिग्नल ने वन विभाग व वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार हालांकि 31 अक्टूबर को बाघ की साइटिंग हुई थी, लेकिन 3 नवम्बर की सुबह से बाघ के रेडियो कॉलर सिग्नल नहीं मिल रहे हैं। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के फील्ड डारेक्टर बीजो जोय के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात से रेडियो कॉलर जीपीएस फिक्सेज आना बंद हो गया था। विभाग ने इस संबंध में रेडियो कॉलर एजेंसी को सूचना दी है।
मिले पगमार्क
विभाग के अनुसार, 31 अक्टूबर को बाघ की डायरेक्ट साइटिंग हुई थी। इसके बाद शनिवार को बाघ के पगमार्ग देखे गए हैं। इसके बावजूद विभाग ने सहायक वन संरक्षक के नेतृत्व में 4 विशेष टीमों का गठन किया है। टीमें बाघ को सर्च कर रही हैं। वन विभाग के अन्य मंडलों को भी सूचित किया गया है। विभाग के अनुसार कई बार अधिक डिस्टेंस से सिग्नल नहीं मिल पाते। सावचेती के तौर पर टीमों का गठन कर सर्च करने के निर्देश दिए हैं।
इसलिए चिंता
3 वर्ष पूर्व मुकुन्दरा हिल्स से एक बाघ एमटी-1 के गुम हो जाने के कारण विभाग चिंतित है। यह बाघ अब तक नहीं मिल पाया है। रामगढ़ से लाकर दरा क्षेत्र में 82 वर्गकिलोमीटर क्षेत्र में छोड़ा गया बाघ अगस्त 2020 से लापता चल रहा है। बाघ के अलावा बाघिन एमटी-2 का एक शावक भी गुम हो गया था।