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घर-मंदिरों में विराजे गजानन, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, गूंज उठे जयकारे

कोटा. शिक्षा नगरी में मंगलवार को गणेश चतुर्थी हर्षोल्लास से मनाई। घर - मंदिरों में गजाजन विराजे। श्रद्धालुओं ने मोदक प्रिय को मोदक का भोग लगाया और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गई। कहीं स्वर्ण, कहीं रजत शृंगार, कहीं फूलों से झांकियां सजाई गई। गणेश चतुर्थी पर बाल-गोपाल भी मौज में रहे। उन्होंने परम्पराओं के अनुसार सज-धज कर आसपड़ौस में घर घर चंचड़ी भी बजाई। सुबह से रात तक पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुए 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का समापन अनंत चतुर्

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कोटा

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Hemant Sharma

Sep 19, 2023

कोटा. शिक्षा नगरी में मंगलवार को गणेश चतुर्थी हर्षोल्लास से मनाई। घर – मंदिरों में गजाजन विराजे। श्रद्धालुओं ने मोदक प्रिय को मोदक का भोग लगाया और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गई। कहीं स्वर्ण, कहीं रजत शृंगार, कहीं फूलों से झांकियां सजाई गई। गणेश चतुर्थी पर बाल-गोपाल भी मौज में रहे। उन्होंने परम्पराओं के अनुसार सज-धज कर आसपड़ौस में घर घर चंचड़ी भी बजाई। सुबह से रात तक पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुए 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी को होगा।

खड़े गणेशजी मंदिर में दर्शन करने की चाह में सोमवार रात को ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। मुख्य पुजारी ओम सिंह के सान्निध्य में अभिषेक, श्रृंगार व पूजन के साथ दर्शन प्रारंभ हुए। मंगलवार को दिनभर श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। बूंदी रोड गणेश पाल स्थित गणेश मंदिर में बड़ी संख्या में लोग दर्शन को पहुंचे। पुजारी हर्षवर्धन गौतम के अनुसार शहरी क्षेत्र के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाकों से भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। दोपहर में जन्मोत्सव मनाया। श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। टिपटा िस्थत भूरिया गणेश जी मंदिर में रजत शृंगार के दर्शन करवाए गए। पुजारी सुशील गौतम ने बताया कि सोमवार रात को अभिषेक व शृंगार का पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। भगवान को 21 किलो लड्डू का भोग लगाया।

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पाटनपोल मंशापूर्ण गणेश मंदिर में सोमवार रात को अभिषेक किया गया। मंगलवार दोपहर राजभोग आरती व शाम को संध्या आरती के बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया। मनभावन गणेश मंदिर में रिदि्ध िादि्ध के साथ विराजमान गणपति का रजत शृंगार किया गया। कलश यात्रा निकाली गई।मनभावन नवयुवक मंडल के पवन भावसार ने बताया कि आरती के बाद श्रद्धालुओं को 800 कचौरियां वितरित की गई। सूरजपोल दरवाजे के पास िस्थत धनरूप गणपति मंदिर में अभिषेक किया गया। पुजारी महेन्द्र ओझा के अनुसार 51 किलो नुक्ति का भाग लगाया गया।

1500 किलो लड्डूओं का भोग

सर्किट हाउस स्थित गणेश मंदिर में अभिषेक व पूजन के बाद दोपहर में जन्म की झांकी के दर्शन करवाए गए। 1500 किलो लड्डूओं का भोग लगाया। रात को भजन संध्या का आयोजन किया गया। सब्जीमंडी स्थित प्राचीन खड़े गणेजीजी व दादाबाड़ी स्थित एसी वाले गणेशजी समेत अन्य प्राचीन मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।

ढोल, बैंड, भजनों की धुन और जयकारे

गणेश चतुर्थी पर शहर में 250 से 300 छोटे- बड़े पांडाल सजाए गए। जहां धार्मिक, सामाजिक संगठन, संस्थाओं की ओर से गणपति की स्थापना की। संध्या आरती में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इससे पहले जोर-शोर व उत्साह के साथ भक्तिमय माहौल में ढोल- बैंड, बाजों की धुन केसाथ शोभायात्रा के रूप मेें लोग गणपति को लेकर आए। रामपुरा में रामपुरा चौक के राजा, रघुनाथ चौक नगर सेठ, कैथूनीपोल में दादा गणेश, एसी वाले गणेश मंदिर में लाल बाग के राजा व स्टेशन पर शीतला चौक के राजा, रामधाम आश्रम पर मिल्क केक के गणेश स्थापित किए गए। तीनबत्ती नवयुवक मंडल की ओर से तीनबत्ती सर्किल पर गणेश स्थापना की गई। महावीर नगर तृतीय चौराहे पर अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति नवीन कोटा की ओर से गणेश स्थापना की गई।
गणेश मित्र मंडल की ओर से श्री गणेश मित्र मंडल की ओर से छावनी में शाम को गणेश महोत्सव के तहत शाम को जन्मोत्सव मनाया। इस मौके पर केक काटा गया।बच्चों को खिलौने वितरित किए गए।चंबल हॉस्टल एसोसिएशन की ओर से डॉक्टर गणेश के रूप में प्रतिमा स्थापित की गई है।

बाजार में रही रौनक

गणेश चतुर्थी पर बाजारों में रोनक रही। मिठाईयों की दुकानों पर निभर भीड़ लगी रही। मिष्ठान विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठानों को कई तरह के लड़डुओं से सजाया। प्रतिमाओं की खरीद भी शाम तक चलती रही। कई लोगों ने घर में गणपति तैयार किए। अधिकतर ने बाजार से प्रतिमाएं खरीदी।सीएड़ी, रोड पर दिनभर जाम की नौबत आती रही।