Dharma-Karma: कोटा. महिलाओं का विशेष पर्व गणगौर शुक्रवार को मनाया जाएगा। महिलाएं शिव पार्वती के रूप में इसर व गणगौर का पूजन करेंगी। पति की दीर्घायु, सुख समृदि्ध की कामना की जाएंगी। भगवान को फल- फूल, माला, नैवेद्य अर्पित किया जाएगा।बेसन, मेदा व आटे से बनाए गुणे व पपड़ी का भोग लगाया जाएगा।
कई जगहों पर महिलांएं सामूहिक पूजन करेंगी। सुबह से रात तक पर्व की रौनक रहेगी। गुरुवार को महिलाएं पर्व की तैयारी में व्यस्त रहीं। किसी ने मेहंदी रचाई तो किसी ने भगवान को भोग के लिए गुणे व पपड़ी तैयार की। बाजारों में भी गणगौर की रोनक नजर आई। महिलाओं ने उपहार इत्यादि खरीदे। मेंहदी लगवाई।
सामूहिक उद्दापन में कुछ सरप्राइज
गणगौर पर विजयवर्गीय नवयुवक मंडल के महिला मंडल कोटा की ओर से विनोबा रावे नगर िस्थत स्वामी रामचरण धर्मशाला में शुक्रवार को गणगौर का सामूहिक सामूहिक उद्यापन किया जाएगा। महिला मंडल की संयोजक दर्शना गांधी ने बताया कि समाज की 33 महिलाएं उद्यापन करेंगी। समाज की साढ़े 500 के करीब महिलाएं शमिल होंगी। उद्यापन करने वाली 33 महिलाएं प्रत्येक महिला 16 गोरणियों को आमंत्रित करेंगी। विजयवर्गीय महिला मंडल की ओर से महिलाओं को सुहाग के प्रतीक व सरप्राइस दिया जाएगा। गांधी के अनुसार आयोजन की तैयारियां कर ली गई है। पूजन के लिए 90 किलो से अधिक गुणे तैयार करवाए गए हैं। महिलाओं के लिए सूरत से उपहार मंगवाए गए हैं।
भगवान शिव ने सौभाग्य का दिया था वरदान
चैत्र शुक्ल तृतीया को गणगौर पर्व की खुशियां बिखरती है। यूं तो पर्व से जुड़ी कई बाते हैं व कथा लंबी है लेकिन कहा जाता है कि चैत्रशुक्ल तृतीया यानी गणगौर के दिन भगवान शिव ने देवी पार्वती समेत महिलाओं के सौभाग्य का वर दिया था। पूजन के समय रेणुका की गौरी बनाकर चूड़ी, महावर, सिंदूर चढ़ाने का विशेष फल मिलता है।चंदन, अक्षत, धूप दीप व भोग लगाकर पूजन किया जाता है।