जलस्रोत नहीं भरना भी कारण
दिसम्बर के अंतिम सप्ताह तक भी सर्दी का असर नजर नहीं आने का प्रमुख कारण इस साल मानसून की कम सक्रियता माना जा रहा है। नदी, तालाब, परम्परागत जल स्रोत लबालब नहीं हो पाए। आज भी संभाग के कई जलस्रोत, बड़े बांध, तालाब, डेम, बावडिय़ों में मात्र छिछला पानी ही बचा है।