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किसानों के काम की खबर : हरिश्चन्द्र सागर सिंचाई परियोजना से बेहतर सिंचाई की जगी उम्मीद

परियोजना का नियंत्रण अब जल संसाधन खंड कोटा के अधीन होगा किसानों को नहीं मिल रहा था परियोजना का समुचित लाभ

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किसानों के काम की खबर : हरिश्चन्द्र सागर सिंचाई परियोजना से बेहतर सिंचाई की जगी उम्मीद

किसानों के काम की खबर : हरिश्चन्द्र सागर सिंचाई परियोजना से बेहतर सिंचाई की जगी उम्मीद

सांगोद. सरकार एवं सिंचाई विभाग की अनदेखी से जूझ रही सांगोद क्षेत्र के किसानों की महत्वाकांशी हरिश्चन्द्र सागर सिंचाई परियोजना का नियंत्रण अब जल संसाधन खंड कोटा के अधीन होगा। झालावाड़ खंड के नियंत्रण में संचालित हो रही परियोजना के खंड में आने से ना केवल परियोजना की स्थिति सुधरने की किसानों को उम्मीद है कि बल्कि इसकी मरम्मत के लिए बजट मिलने की आस भी किसानों को जगी है। उल्लेखनीय है कि झालावाड़ जिले के हीचर गांव से कालीसिंध नदी से निकल रही हरिश्चन्द्र सागर सिंचाई परियोजना की नहर व वितरिकाओं से झालावाड़ जिले के खानपुर व कोटा जिले के सांगोद तहसील की हजारों बीघा जमीन सिंचित होती है, लेकिन अब तक परियोजना का नियंत्रण झालावाड़ खंड के अधीन होने से यह परियोजना अधिकारियों की अनदेखी से जूझ रही थी। जिससे किसानों को भी परियोजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा था। परियोजना की नहर व वितरिकाओं का रख-रखाव व नियंत्रण झालावाड़ के अधीन होने से किसानों को भी परेशानी हो रही थी।

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फिर हुआ नियंत्रण में बदलाव

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुशलपाल सिंह ने बताया कि सांगोद दौरे पर आए सिंचाई मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय को विधायक भरत सिंह ने किसानों की समस्या बताते हुए परियोजना की स्थिति में सुधार की मांग रखी। विधायक के साथ मंत्री ने परियोजना का दौरा भी किया। जिसके बाद जल संसाधन मंत्री के निर्देश पर विभाग के सहायक शासन सचिव कैलाशचंद मीणा ने परियोजना का नियंत्रण कोटा खंड के अधीन करने के आदेश जारी किए।

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यह मिलेगा फायदा

परियोजना का रख-रखाव एवं नियंत्रण कोटा होने से किसानों की कई समस्याएं दूर होगी। अभी उन्हें परियोजना से जुड़ी समस्या के लिए झालावाड़ जिले के अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता था। अब किसान सीधे कोटा अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे। वहीं सांगोद में स्थित परियोजना कार्यालय में भी रिक्त पदों पर कार्मिकों की नियुक्ति हो सकेगी तो मरम्मत एवं जलप्रवाह को लेकर किसानों की कई सारी समस्याएं दूर होगी।

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