गृह क्लेश के चलते चंबल नदी में लगाई थी छलांग दूसरे दिन भी प्रशासन रहा मौके पर मौजूद
रावतभाटा. समरब्रिज से चंबल नदी में छलांग लगाकर जान देने वाले होमगार्ड के जवान कालू प्रजापत का शव 24 घंटे बाद बुधवार अपरान्ह साढ़े चार बजे समरब्रिज से 250 फीट दूरी पर मिला। एसडीआरएफ कोटा टीम ने शव को बाहर निकाला। एम्बुलेंस से शव उपजिला अस्पताल मोर्चरी ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंपा। गौरतलब है कि राणा प्रताप सागर पन बिजलीघर में तैनात होमगार्ड कालू प्रजापत ने गृह क्लेश के चलते मंगलवार अपरान्ह समरब्रिज से चंबल नदी में छलांग लगा दी। सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया, अंधेरा होने से अभियान रोक दिया था।
एसडीआरएफ ने शुरू किया सर्च अभियान
कोटा एसडीआरएफ टीम मंगलवार शाम रावतभाटा पहुंची, लेकिन अंधेरा होने से रेस्क्यू शुरू नहीं किया जा सका। बुधवार सुबह टीम कमांडर रामकुमार सिंह के नेतृत्व में सर्च अभियान शुरू किया। टीम सदस्य ऋतुराज, अमृतलाल, हेमराज, धर्मवीर, सुरज्ञान, हरिओम, दीपक, गोविन्द, प्रकाश को 9 घंटे के सर्च के बाद सफलता मिली। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल, उपखंड अधिकारी दीपक सिंह खटाना, पनबिजलीघर अधिशासी अभियंता आशीष जैन, पार्षद हरीश प्रजापत, पारस गुर्जर, फूलचंद गुर्जर समेत पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।
मगरमच्छ और चट्टानें बनी बाधा
रेस्क्यू के दौरान चंबल नदी में गहरी खाई, बड़ी-बड़ी चटटानें और मगरमच्छ होने से टीम को बोट चलाने व स्कूबा डाइविंग सेट से सर्च करने में बाधा पहुंची। एसडीआरएफ टीम के पास अंडरवाटर लोकेटिंग सर्च कैमरा नहीं होने से भी रेस्क्यू ऑपरेशन लम्बा चला।
घर मोहल्ले में पसरा मातम
कालू का शव मिलने की सूचना के बाद उसके घर और कुम्हार मोहल्ले में मातम पसर गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। कालू की 3 साल पहले ही शादी हुई थी। पत्नी के मायके जाने की बात पर विवाद के बाद वह चंबल में कूद गया। शव मिलने पर पिता ओमप्रकाश का सब्र भी टूट गया और बिलखने लगे। मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और सांत्वना दी।
इस संबंध में उपखण्ड अधिकारी दीपक सिंह खटाना का कहना है कि होमगार्ड के चंबल में कूदने की ख़बर के बाद मंगलवार को तलाशी अभियान चलाया। सफलता नहीं मिलने पर एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। दिन भर सर्च ऑपरेशन के बाद शाम होते-होते शव मिल गया। पोस्टमार्टम करा शव परिजन को सौंप दिया।