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Topper’s Speak : दिमाग थक जाए तो पढ़ाई करने का कोई मतलब नहीं, मैंने तो एन्जॉय किया…

राजस्थान के नलिन ने किया ऑल इंडिया टॉप, टॉप 10 में 9 छात्र और एक छात्रा शामिल

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कोटा

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Rajesh Tripathi

Jun 05, 2019

 

कोटा. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नेशनल इलेजिब्लिटी कम एंट्रेंस टेस्ट नीट 2019 के परिणामों में कोटा कोचिंग के स्टूडेंट्स का दमखम दिखा। नलिन ने ऑल इंडिया में रैंक-1 प्राप्त कर टॉप किया है। दो साल से क्लासरूम कोचिंग स्टूडेंटस सीकर निवासी नलिन खंडेलवाल ने ऑल इंडिया टॉप किया है। नलिन ने 720 में से 701 अंक प्राप्त किए हैं।

दिल्ली के भाविक बंसल दूसरे, उत्तर प्रदेश अक्षत कौशिक तीसरे, फ रीदाबाद के स्वास्तिक भाटिया चौथे, मेरठ के अनन्त जैन पांचवें, नासिक के सार्थक राघवेन्द्र भाट छठे, तेलंगाना की माधुरी रेड्डी जी सातवें, लखनऊ के धु्रव कुशवाह आठवें, देहरादून के मिहिर राय नवें होशंगाबाद के राघव दुबे दसवें स्थान पर रहे हैं।

15,19,375 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए

14,10,755 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए

154 शहरों के परीक्षा केन्द्रों पर 11 भाषाओं में हुई परीक्षा

6,30,283 छात्र तथा 7,80,467 छात्राएं शामिल

3,51,278 छात्र तथा 4,45,761 छात्राएं चयनित घोषित

कट ऑफ पर्सेन्टाइल ये रही

जनरल 134

ओबीसी 107

एससी-एसटी 107

सामान्य दिव्यांग 120

ओबीसी, एससी, एसटी के दिव्यांग 107

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टॉपर नलिन बोले, पढ़ाई को हमेशा एंजॉय किया

नलिन खण्डेलवाल
नीट रैंक- ऑल इंडिया 1
पिता- डॉ. राकेश खण्डेलवाल
मां-डॉ. वनिता खण्डेलवाल

सीकर के नलिन खण्डेलवाल ने नीट में ऑल इंडिया फ स्र्ट रैंक प्राप्त की है। नलिन ने बताया कि उसने पढ़ाई को हमेशा एंजॉय किया है। ऐसा नहीं कि दिमाग थक जाए फि र भी पढ़ाई करता रहूं। रात में कितनी भी बजे तक पढ़ता था, लेकिन सात घंटे नींद जरूर लेता था। जब तक रोज का टारगेट पूरा नहीं हो जाता, मैं सोता नहीं था। एवरेज 8 घंटे तक पढ़ाई करता था। नीट क्रेक करने के लिए मैंने स्ट्रेटेजी बनाई थी। एनसीईआरटी सिलेबस पर पूरा फ ोकस किया था। एक ही टॉपिक की मल्टीपल रीडिंग की और नोट्स का रिवीजन किया। नीट के अलावा मैंने जेईई मेन्स के प्रीवियस पेपर्स भी सॉल्व कर प्रेक्टिस की। क्योंकि कई बार जेईई मेन्स के क्वेशचंस नीट में रिपीट होते हैं। तीनों विषयों को बराबर समय देता था। इससे मुझे काफ ी मदद मिली। टीचर्स ने जो गाइडलाइंस दी उसे फ ॉलो किया। एमबीबीएस के बाद किस स्पेशयलिटी में जाना है, अभी कुछ सोचा नहीं है। पापा-मम्मी दोनों सीकर में प्राइवेट हॉस्पिटल संचालित करते हैं