
रामगंजमंडी भोपाल रेलवे लाइन का चलता काम (फोटो: पत्रिका)
Indian Railway Good News: राजस्थान से मध्यप्रदेश को कनेक्टिविटी देने वाले रामगंजमंडी-भोपाल रेलमार्ग का काम इस वर्ष अक्टूबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। कोटा रेल मंडल की ओर से राजस्थान की सीमा तक योजना का काम पूरा कर लिया गया है, वहीं मध्यप्रदेश में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा होने के बाद काम ने गति पकड़ ली है। इसमें मार्च तक ट्रायल रन के लिए खिलचीपुर से राजगढ़, ब्यावरा और सोनकच्छ तक ट्रैक तैयार कर लिया जाएगा।
करीब 3035 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में भोपाल रेल मंडल की ओर से खिलचीपुर से ब्यावरा का काम अंतिम चरण में है। इसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। कोटा रेल मंडल में खिलचीपुर से करीब 12 किमी आगे तक पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। ब्यावरा राजगढ़ सेक्शन में भी ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बाद अब भोपाल रेल मंडल की ओर से राजगढ़ और ब्यावरा के साथ ही सोनकच्छ तक मार्च तक ट्रायल रन के लिए ट्रैक तैयार होगा, जबकि सोनकच्छ से नरसिंहगढ़ और कुरावर तक का काम इस साल अक्टूबर तक पूरा करने की योजना है।
मध्यप्रदेश में भूमि अधिग्रहण में देरी से वर्ष 2022 में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट करीब चार वर्ष देरी से चल रहा है। नरसिंहगढ़ के एक सेक्शन को छोड़कर तकरीबन सभी स्थान पर अर्थवर्क पूरा हो चुका है। शेष हिस्सों में लाइन बिछाने व विद्युतीकरण का काम चल रहा है।
राजस्थान के स्टेशनों में रामगंजमंडी से खिचलीपुर के बाद मध्यप्रदेश में ब्यावरा जंक्शन सहित छह स्टेशन रहेंगे। भोपाल रेल मंडल का भोजपुर, राजगढ़, ब्यावरा जंक्शन, नरसिंहगढ़ और कुरावर शामिल है। इसके आगे श्यामपुर होते हुए हिरदाराम और भोपाल लाइन जुड़ेगी।
मार्च तक ब्यावरा से सोनकच्छ तक ट्रायल ट्रैक तैयार कर लिया जाएगा। इस सेक्शन में अर्थवर्क लगभग पूरा हो चुका है। पटरियां बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण किया जा रहा है। मार्च तक 80 प्रतिशत काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद केवल एक ही सेक्शन का काम रह जाएगा, जिसे भी अक्टूबर तक पूरा करा लिया जाएगा।
राजगढ़ से ब्यावरा के बीच ट्रैक और कुछ हिस्सा खिलचीपुर से राजगढ़ के बीच बाकी है, जो मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।
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Updated on:
15 Jan 2026 07:22 am
Published on:
15 Jan 2026 07:22 am
