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आइआइटी के बदले मिली कोटा ट्रिपल आइटी अभी तक 240 किमी दूर

रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में ट्रिपल आईटी से पहले आइआइटी के लिए भूमि आरक्षित की गई थी, जब आइआइटी जोधपुर चली गई और फिर कोटा में ट्रिपल आइटी की घोषणा हुई। उसी जमीन पर इसका भवन बनाया जाना प्रस्तावित हुआ।

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जग्गोसिंह धाकड़
कोटा. राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया है। कोटा में भी इस तरह की समिट हुई और उसमें करीब 2100 करोड़ के एमओयू और एलओआई हुए। इससे पहले कोटा के औद्योगिक विकास को संबंल देने के लिए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोटा (Indian Institute of Information Technology, Kota ) की स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना के 9 साल बाद भी कोटा के लोगों को इस बात की अनुभूति नहीं हो पाई कि कोटा में राष्ट्रीय स्तर का संस्थान भी है। कोटा को आइआइटी के बदले मिली ट्रिपल आईटी की स्थापना के सालों बाद भी 240 किमी दूर जयपुर में कक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोटा में कोटा के विद्यार्थियों का चयन होने के बाद भी उन्हें शहर से बाहर रहने की मजबूरी है। वहीं इंस्डस्ट्री को भी इस संस्थान का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कोटा की ट्रिपलआइटी जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के भवन में ही चल रही है।

कई बैच हो चुके पासआउट
वर्ष 2011 में कोटा में ट्रिपल आइटी की स्थापना की घोषणा और वर्ष 2013 में स्थापित इस संस्थान में प्रवेश हर साल हो रहे हैं और कई बैच पासआउट हो चुके हैं।

फैक्ट
100.37 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य शुरू हुआ है।
128 करोड़ की लागत से इसका कैम्पस बनेगा।
50 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार खर्च करेगी।
35 प्रतिशत राशि राज्य सरकार खर्च करेगी।
15 प्रतिशत राशि इंडस्ट्री भागीदार वहन करेंगे।

जमीन समय पर मिली, निर्माण में हुई देरी
रानपुर में ट्रिपल आईटी से पहले आइआइटी के लिए भूमि आरक्षित की गई थी, जब आइआइटी जोधपुर चली गई और फिर कोटा में ट्रिपल आइटी की घोषणा हुई। उसी जमीन पर इसका भवन बनाया जाना प्रस्तावित हुआ। कई साल तक भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया। कोटा में किराए के भवन में भी संस्थान को चलाने का प्रयास हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिली। एक साल पहलेभवन के निर्माण कार्य ने गति पकड़ी है, जो अभी नहीं बन पाया है।

ये हो रहा निर्माण
भवन में निदेशक कार्यालय, कॉन्फ्रेंस हॉल, लेखा और स्थापना ब्लॉक, व्याख्यान थिएटर के साथ अकादमिक ब्लॉक, लैब, फैकल्टी केबिन, संगोष्ठी हॉल, कम्प्यूटर सेंटर, लाइब्रेरी का निर्माण चल रहा है। छात्रावास, गेस्ट हाउस, निदेशक आवास और कर्मचारी निवास भी बनेंगे।

भवन का निर्माण दो चरणों में होगा। अभी पहला चरण चल रहा है। पहले चरण के भाग-ए में शैक्षणिक भवन और कैम्पस का विकास करवा रहे हैं। पहले चरण के भाग-बी में छात्रावास और आवासीय परिसर का निर्माण हो रहा है। सितम्बर 2022 तक ए और दिसम्बर 2022 तक बी भाग का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।

-गौरव बेनीवाल, कार्यपालक अभियंता, ट्रिपलआइटी प्रोजेक्ट, कोटा

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