गत वर्ष कोटा के एमबीएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती महिला मरीज की पलकें चूहे कुतर गए थे। अब नए अस्पताल के सर्जिकल आईसीयू में डीसी शॉक हुआ और मरीज के ऑक्सीजन मास्क में आग लगने से दर्दनाक मौत हो गई।
कोटा/पत्रिका. गत वर्ष कोटा के एमबीएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती महिला मरीज की पलकें चूहे कुतर गए थे। अब नए अस्पताल के सर्जिकल आईसीयू में डीसी शॉक हुआ और मरीज के ऑक्सीजन मास्क में आग लगने से दर्दनाक मौत हो गई।
भर्ती मरीज वैभव शर्मा को डॉक्टर- स्टाफ डायरेक्ट कॉर्डियो शॉक दे रहे थे, तभी ऑक्सीजन 090 मास्क ने आग पकड़ ली। आग से चेहरा और गर्दन का हिस्सा जलने से मरीज की मौत हो गई। आग से पिघलकर मास्क मरीज के चेहरे पर चिपक गया। स्टाफ ने आनन-फानन में ऑक्सीजन पाइप लाइन को बंद किया और जले हुए पाइप के हिस्से को अलग किया। उसके बाद पानी से आग पर काबू पाया। घटना बुधवार रात 10.30 बजे हुई। मारपीट की आशंका के चलते स्टाफ आईसीयू से भाग गया।
मोर्चरी पर प्रदर्शन और नारेबाजी
अस्पताल में हादसे की सूचना के बाद गुरुवार सुबह 10 बजे कांग्रेस के शहर पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक व अन्य संगठनों के लोग मोर्चरी पहुंच गए और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी लापरवाही बरतने वाले स्टाफ व डॉक्टर्स पर कार्रवाई, मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की मांग करते हुए गेट नंबर 4 पर धरना देकर बैठ गए।
सांसें उखड़ने लगीं तो, दिया था शॉक
अनंतपुरा तालाब गांव निवासी वैभव शर्मा (30) को पेट दर्द की शिकायत थी। मृतक के भाई लक्की शर्मा ने बताया कि सोनोग्राफी में पता चला कि उसकी आंतों में छेद है। 6 जुलाई को वैभव को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करवाया गया। 10 जुलाई को ऑपरेशन के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया। बुधवार दोपहर 3 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने लगी तो वैभव को दोबारा आईसीयू में शिफ्ट किया गया। रात दस बजे घबराहट होने लगी तो ऑक्सीजन दी गई। इस पर स्टाफ को बुलाया गया और डीसी शॉक दिया।
जांच कमेटी गठित
भर्ती मरीज की धड़कन बंद हो गई थी। ऑक्सीजन प्रेशर से उसके शरीर तक पहुंचाई जा रही थी। कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चार प्रोफेसर की जांच कमेटी गठित की है।
डॉ. आर.पी. मीणा, अधीक्षक
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