
कोटा में तीन मंजिला इमारत पलभर में जमीन में समा गई। फोटो: पत्रिका
Kota Building Collapse: कोटा शहर के व्यस्त इलाकों में से एक इंद्रविहार ओपेरा रोड पर शनिवार रात रोज़मर्रा की हलचल परवान पर थी। तभी रात करीब 9 बजे एक तेज और डरावनी आवाज ने सभी को सन्न कर दिया। आवाज़ ऐसी थी जैसे कोई ब्लास्ट हुआ हो, जैसे पटाखे एक साथ फूट पड़े हों। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही तीन मंजिला इमारत पलभर में जमीन में समा गई।
धूल का गुबार उठा, अंधेरा छा गया और फिर… चीखें ‘बचा लो… हमें बचा लो…’। मलबे के नीचे जिंदगियां फंसी हुई थीं। कहीं किसी का हाथ बाहर निकला था, तो कहीं किसी का पैर। हादसे में 20 साल के कोचिंग स्टूडेंट और 14 साल के बच्चे ने अपनी जान गंवा दी। वहीं, 10 घायलों का कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार जारी है।
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार से आर्यन इंजीनियर बनने का सपना लेकर कोचिंग करने के लिए कोटा आया था। वह शनिवार को मां सुधिता के साथ भोजन करने गया था। हादसे में अरण्य की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर घायल है। मृतक कोटा में आइआइटी जेईई की तैयारी कर रहा था।
घटना में घायल शालीन ने बताया कि वह होटल के बाहर रोल खा रहा रहा था, तभी भरभराकर रेस्टोरेंट गिरने की आवाज आई, खुद को बचाते इससे पहले एक भारी भरकम पत्थर पीठ पर गिरा। इसके बाद क्या हुआ, इसकी कोई खबर नहीं। मैं अचेत हो गया। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया। शालीन ने बताया कि किसी ने पिता को फोन किया तो वे घबराए हुए अस्पताल पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शी हितेन्द्र राव ने बताया ब्लास्ट जैसी आवाज सुनते ही वे दौड़कर मौके पर पहुंचे। सामने देहली स्पाइसी रोल की छत जमीन पर पड़ी थी। कुछ बच्चे किसी तरह मलबे से निकलकर भाग रहे थे, लेकिन अंदर से लगातार ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाज़ें आ रही थीं। देखते ही देखते वहां चीख-पुकार मच गई। पहले तो लोगों ने अपने स्तर पर ही बचाने का प्रयास किया और सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
Updated on:
8 Feb 2026, 8:57 AM IST
Published on:
8 Feb 2026, 8:54 AM IST
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