
चन्द्रयान पर डाकविभाग ने जारी किया था लिफाफा, कवर में झलकी थी मिशन के प्रति देशवासियों की भावना
कोटा.चांद के दक्षिणी धु्रव पर पहुंचने के महत्वाकांक्षी मिशन चन्द्रयान-2 ने आखिरी समय तक सफलता पूर्वक अपना मिशन पूरा किया पर चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर अचानक लैंडर विक्रम से सम्पर्क टूट गया। दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी थी, और बच्चे भी टीवी पर मिशन की कामयाबी का इंतजार कर रहे थे। देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाह रखने वालों के साथ, देशवासी भी हर कदम पर साथ रहे। डाक विभाग ने भी कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया था चन्द्रयान प्रथम के मिशन पर। फिलाटेलिस्ट नरेन्द्र जैरथ के अनुसार सरकार किसी की भी रही हो, लेकिन डाक विभाग ने हर खास अवसर पर विशेष डाक कवर व टिकट जारी किए हैं। वर्ष 2009 में भी चन्द्रयान प्रथम पर डाककवर जारी कर देश के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया था।
ऐसा था विशेष आवरण
इस डाक कवर में आनबान व शान के प्रतीक तिरंगों के चित्र के साथ 'भारतीय तिरंगा चन्द्रमा Ó पर वर्णित कर देशवासियों की भावनाओं को वर्णित किया गया था। एक ओर इंडिया इन स्पेस, भारत अंतरिक्ष में लिखा गया है। फिलाटेलिक सोसायटी आफ राजस्थान एवं संत जेवियर द्वारा आयोजित स्कूल पैक्स 2009 के उद्घाटन दिवस पर जारी विशेष आवरण पर भारत का चन्द्रमा अभियान चन्द्रयान -1 एवं लद्दाख स्थित दूरबिन को दिखाया गया है।
कई डाक टिकट व विशेष कवर हो चुके हैं जारी
जैरथ के अनुसार विभाग विशेष अवसर व देश के विभिन्न एतिहासिक क्षणों पर डाक कवर व डिकट जारी करता रहा है। ग्रहों, उपग्रहों व देश के वैज्ञानिकों की अन्य कई उपलब्धियों पर डाक कवर व टिकट जारी किए हैंद्ध जैरथ मानते हैं कि डाक टिकट भी संचार का बड़ा माध्यम है, वहीं इनमें भी ज्ञान का खजाना भी समाया हुआ है। इससे बच्चों को प्रेरित करने के लिए विभाग विशेष प्रतियोगिता व प्रदर्शनियों के आयोजन भी समय समय पर करता रहा है। भारत फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भी डाक टिकट जारी किया गया था।
Published on:
07 Sept 2019 11:30 pm
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