
ग्रामीणों को ऑनलाइन सुविधाओं से जोड़ेगा डाक विभाग, दोबारा शुरू होंगे बंद खाते..
कोटा. डाक विभाग अब ग्रामीणों को ऑनलाइन सुविधाओं से जोड़ेगा। अभी तक कई गांवों में डाक विभाग की ऑनलाइन सुविधा से लोग अनजान है। विभाग गांव का हर उपभोक्ता इन सेवाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्य करेगा। विभाग ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
अधिक से अधिक ग्रामीण डाक विभाग की सुविधाओं का लाभ ले सके इसके लिए मुख्य पोस्टमास्टर जनरल परिमंडल के आदेशों के अनुरूप ऑपरेशन कनेक्ट इंडिया पोस्ट्स आईपीपीबी विद समृद्धि अभियान शुरू करेगा। डाक विभाग के कोटा मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक मोहम्मद हनीफ ने बताया कि अभियान की शुरुआत 10 जुलाई से होगी। इसके तहत धानमंडी स्थित मुख्य डाकघर, झालरापाटन स्थित सिटी उप डाकघर व बारां मुख्य डाकघर में कैंप लगाए जाएंगे। इनमें साइलेंट हो चुके नरेगा एवं अन्य बचत खाते भी पुन: चालू करने, नए खाते खोलने व उन्हें इंडियन पोस्ट पैमेंट बैंक सुविधा से लिंक किया जाएगा। वरिष्ठ डाक अधीक्षक ने बताया कि अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बैंकिंग सुविधा नहीं है, वहां डाकघर के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
तहसीलदार सेवानिवृत्त हुए, विद्याार्थियों
के प्रमाण-पत्र अटक गए
सांगोद. इन दिनों स्कूल-कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। विद्यार्थियों को दस्तावेजों में जाति एवं मूल निवासी प्रमाण पत्रों की भी जरूरत पड़ रही है। लेकिन यहां बीते एक सप्ताह से भी अधिक समय से तहसील कार्यालय में प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे। तहसीलदार सत्यनारायण बसवाल के सेवानिवृत्त होने के बाद से यहां प्रमाण-पत्र जारी करने का काम ठप है। सोमवार को समस्या को लेकर कई विद्यार्थी एसडीएम संजीव कुमार शर्मा से भी मिले।
विद्यार्थियों ने एक-एक पखवाड़े पहले ई मित्र केन्द्रों पर आवेदन जमा किए लेकिन प्रमाण-पत्र नहीं बन रहे। जाति एवं मूल निवासी के लिए ई मित्र केन्द्रों पर आवेदन के बाद यहां से दस्तावेज समेत पूरा आवेदन ऑनलाइन कार्यालय में जाते है। यहां दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच के बाद प्रमाण-पत्र जारी होते हैं। इसके लिए तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर जरूरी है। इसके अभाव में प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो पा रहे।
हर तरफ परेशानी
विद्यार्थी रोजाना ई मित्र केन्द्रों पर चक्कर काट रहे हैं। प्रमाण-पत्र कब तक जारी होंगे, इसका ई-मित्र संचालकों के पास भी कोई जवाब नहीं है। ऐसे में आए दिन विद्यार्थियों एवं संचालकोंं के बीच तू तू, मैं-मैं की स्थिति हो रही है। कोचिंग संचालक मनीष शर्मा ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी समस्या लेकर आ रहे हैं। इसके लिए सोमवार को एसडीएम से मिलकर समस्या बताई।
आएगा डोंगल, तब जारी होंगे
ऑनलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए तहसीलदार का डिजिटल आईडी जरूरी है। एक सप्ताह पूर्व तहसीलदार की सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने कनवास तहसीलदार को कार्यभार सौंपा लेकिन उनकी डिजिटल आईडी से यहां के प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो रहे।
डिजिटल आईडी नहीं होने से प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो रहे। कनवास तहसीलदार की आईडी के पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है। पंजीयन होने के बाद उनकी आईडी से भी प्रमाण-पत्र जारी हो सकेंगे।
दिनेश कुमार शर्मा प्रभारी कर्मचारी तहसील सांगोद
Published on:
08 Jul 2019 09:48 pm
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