
6000 करोड़ की कोचिंग इण्डस्ट्री पर इस्पेक्टर राज हावी होगा
कोटा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में संचालित कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मानसिक सम्बल एवं सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से गाइडलाइंस-2022 को स्वीकृति दी है। स्वीकृति से कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को तनावमुक्त तथा सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। कोटा में दो लाख से अधिक कोचिंग विद्यार्थी हैं।
गाइड लाइन में विद्यार्थियों पर प्रतिस्पर्धा एवं शैक्षणिक दबाव के कारण उत्पन्न हुए मानसिक तनाव एवं अवसाद के निराकरण के लिए मनोचिकित्सकीय सेवा प्रदान करना, प्रवेशित तथा छात्रावासों में निवास करने वाले विद्यार्थियों की पूर्ण सुरक्षा, विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की व्यवस्थाएं, जिला प्रशासन स्तर पर पर्याप्त निगरानी तंत्र की स्थापना, कोचिंग छात्र-छात्राओं के लिए सुविधा केन्द्र, साफ-सफाई का बेहतर प्रबंधन, कोचिंग संस्थानों के स्तर पर अपेक्षित कार्यवाही, कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए आमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन, विद्यार्थियों की दिनचर्या में साइबर कैफे की सुविधा आदि दिशा-निर्देश शामिल किए गए हैं।
कॅरियर के विकल्प बताएंगे
गाइड लाइन में कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को आईआईटी एवं मेडिकल संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में उत्तीर्ण न होने की स्थिति में उपलब्ध कॅरिअर विकल्पों के बारे में बताया जाएगा। अतिरिक्त संस्थान छोडऩे की स्थिति में ईजी एक्जिट पॉलिसी एवं फीस रिफण्ड का प्रावधान किया गया है। गाइडलाइंस के तहत एक कम्पलेन्ट पोर्टल का निर्माण किया जाएगा।
--कोचिंग के सभी कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन होगा
नई गाइडलाइन में कोचिंग सेंटर के सभी कार्मिकों का पुलिस वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाएगा। आवासीय कोचिंग संस्थानों में सभी प्रकार के मूवमेंट का डाटा संधारित करने का प्रावधान भी शामिल है। कोचिंग संस्थानों द्वारा किसी भी प्रकार की मिथ्या प्रचार की रोकथाम की व्यवस्था की गई है। इन दिशा-निर्देशों की पालना नहीं करने पर कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।--
राज्य स्तरीय समिति करवाएगी पालना
कोचिंग संस्थानों की ओर से गाइडलाइन का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसमें उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, मेडिकल शिक्षा, गृह विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गाइडलाइंस के अंतर्गत प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय कोचिंग संस्थान निगरानी समिति का गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ अभिभावकों, कोचिंग संस्थानों, एनजीओ के प्रतिनिधि एवं मनोवैज्ञानिक तथा मॉटिवेशनल स्पीकर और जिले के अतिरिक्त जिला कलक्टर शामिल हैं।
इसलिए जारी की गाइडलाइन
सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की ओर से की जा रही आत्महत्याओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कोचिंग संस्थानों के प्रभावी नियमन के लिए बनाए गए 'राजस्थान निजी शिक्षण संस्थान विनियामक प्राधिकरण विधेयक-2022Ó के लागू होने तक उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में उक्त गाइडलाइंस को मंजूरी दी है।
ज्यादातर प्रावधान लागू
गाइड में जो प्रावधान लागू किए हैं, उनसे से ज्यादातर प्रावधान कोटा के कोचिंग संस्थानों में पहले से लागू हैं। ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में विषयवार काउंसलर रख रखे हैं। मनोचिकित्सकों की टीम भी लगा रखी है। साथ ही, समय-समय पर तनाव दूर करने के लिए रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। फीस रिफण्ड के मामले में भी कोचिंग संस्थानों ने अपनी-अपनी नीति बना रखी है।
Published on:
12 Nov 2022 11:03 pm
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