कोटा. पिछले 48 घंटों से लगातार हुई बारिश से चन्द्रलोही नदी में आए उफान से ( Flood in Kaithoon ) कस्बे की बूटासिंह कॉलोनी, सुमन विहार, मीरा बस्ती के कई घरों में पानी भर गया और सैकड़ों लोगों को दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी। दो सौ लोगों को नगरपालिका के भवन में शरण दी गई है। तीन दिन से इन कॉलोनियों में पानी भरा रहने के कारण घरों में रखा सामान खराब हो गया। इससे लोगों को लाखों का नुकसान हुआ है। पानी-बिजली की आपूर्ति बंद पड़ी रही। शनिवार को पानी उतरा तो तबाही का मंजर नजर आया। लोग पीने के पानी के लिए तरस गए। उधर जिला कलक्टर ने बाढ़ से हुए नुकसान के सर्वे के आदेश दे दिया है।
कोटा डोरिया कम्यूनिटी सेंटर में 8 फीट पानी
कैथून में कोटा डोरिया के कम्यूनिटी सेंटर में शनिवार तक 8 फीट पानी भरा हुआ है। यहां कमरों में रखे कम्प्यूटर, लूम, धागा, साडिय़ां, छपाई का सामान खराब हो गए। इससे करीब दस लाख का नुकसान हुआ है। जबकि पूरे क्षेञ में करोड़ों का नुुकसान का आंकलन किया गया है ।
भोजन के पैकेट बांटे
बाढ़ पीडि़तों के लिए सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के साथ प्रशासन भी मुस्तैद रहे। शनिवार सुबह बूंदी रोड स्थित आगमगढ़ साहिब गुरुद्धारा की ओर से लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए। इसके बाद पुलिसकर्मी व सिविल डिफेंस के सदस्यों ने लगभग 700 से ज्यादा भोजन के पैकेट बांटे। भोजन के पैकेट वितरितसनातन संस्कृति संवर्धन संस्थान कोटा के लोगों व कैथून व्यापार संघ की ओर से बाढ़ पीडितों को भोजन के पैकट बांटे गए हैं।
मंत्री धारीवाल को स्थिति से कराया अवगत
पूर्व पार्षद नरेश हाड़ा ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल व प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को कैथून की स्थिति से अवगत कराया।
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ऐसे रहे कैथून के हालात
पत्रिका टीम कैथून पहुंची तो नदी के दोनों तरफ चार-चार फीट बह रहा था। मीरा बस्ती व सुमन विहार कॉलोनी में महिलाएं, पुरुष घरों की छतों व बाहर ऊंची जगह पर बैठकर पानी उतरने का इन्तजार कर रहे थे। मीरा बस्ती के जाहिद हुसैन, अनवर अली ने बताया कि 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बावजूद पालिकाध्यक्ष व वार्ड के जनप्रतिनिधि ने आकर हालात भी नहीं पूछे। वहीं कहार मोहल्ले में निजी मकान में जरनेटर चलाकर पानी की मोटर चला रखी थी। इसमें पानी भरने के लिए महिलाओं की भीड़ लगी हुई थी। शाम को बस स्टैण्ड बाजार में पानी उतरने पर व्यापारियों ने दुकानें खोली तो पाया कि सामान खराब हो गया है। कस्बे के ग्रामीणों ने बताया कि घरों में छह फीट से ज्यादा पानी भर जाने से सामान पूरी तरह से खराब हो गया है। पेयजल के लिए भी नजदीकी गांव वाले टैंकर से व्यवस्था कर रहे हैं। निजी ट्यूबवैलों से जनरेटर लगाकर पानी उपलब्ध करा रहे हैं।
पालिका भवन में दी शरण
मीरा बस्ती निवासी जाहिद हुसैन व शौकत अली ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली। पेयजल के लिए भी समस्या हो रही है। बारिश के चलते मीरा बस्ती व सुमन विहार कॉलोनी, कच्ची बस्तियों के करीब 200 से ज्यादा मकानों में पानी भरने से लोगों को बेघर होना पड़ा है। डूब क्षेत्र में ज्यादा प्रभावित लोगों को नगरपालिका भवन में ठहराया गया है।
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बाढ़ के ये कारण
चन्द्रलोई नदी का अतिक्रमियों ने गला घोंट दिया है। अतिक्रमण के कारण यह नदी नाले में तब्दील हो गई है। नदी की कभी सफाई नहीं हुई है। इस कारण जल प्रवाह ने रुख बदल दिया और कस्बे में पानी घुस गया।
कैथून में एक बड़े नाले को एक किसान ने बंद कर दिया है। इस कारण नाले का पानी भी कॉलोनियों में भर गया है। इस नाले की मरम्मत के लिए राशि भी स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष भी यह मामला आया था, तो जिला कलक्टर ने जल्द काम शुरू करवाने की बात कही।