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वार्ड पार्षद व उसका मुंशी 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

एसीबी कोटा ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए सफाई कर्मचारी को ड्यूटी पर लेने की एवज में नगर निगम के पार्षद कमल मीणा व उसके मुंशी सुनील गोचर को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरतार किया।
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कोटा

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Haboo Lal Sharma

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Updated: 3 Jul 2021, 9:15 PM IST

 रिश्वत लेते गिरफ्तार पार्षद कमल मीणा व उसका मुंशी सुनील गोचर

वार्ड पार्षद व उसका मुंशी 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

कोटा. एसीबी कोटा ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए सफाई कर्मचारी को ड्यूटी पर लेने की एवज में नगर निगम के पार्षद कमल मीणा व उसके मुंशी सुनील गोचर को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरतार किया। अनंतपुरा थाना चौराहा पर स्थित एक यात्री प्रतीक्षालय में दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते एसीबी ने डिटेन किया।

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चन्द्रशील कुमार ने बताया कि परिवादी कुणाल सरसिया जुलाई 2018 से नगर निगम कोटा में सफाई कर्मचारी के पद पर है। अगस्त 2019 से जून 2020 तक बीमार होने के कारण वह अवकाश पर रहा। सितबर 2020 में आयुक्त नगर निगम कोटा के आदेश से ड्यूटी पर आया। तब से लगातार 25 जून तक ड्यूटी की। इसकी ड्यूटी निगम दक्षिण के वार्ड 10 सेक्टर 5 में है। इस सेक्टर के इंचार्ज जमादार रामलाल टांक व वार्ड पार्षद कमल मीणा हैं। परिवादी कुणाल सरसिया को जमादार रामलाल ने 26 जून को ड्यूटी पर लेने से मना कर दिया। कहा कि पार्षद कमल मीणा ने ड्यूटी पर लेने से मना कर दिया है। परिवादी कुणाल सरसिया ने पार्षद कमल मीणा से ड्यूटी पर लेने के लिए बोला तो उसने हर माह 5000 रुपए बंधी देने को कहा। पार्षद ने पहली किस्त 5000 रुपए मांगे तो कुणाल ने कहा कि मेरी पिछले नौ माह से सैलेरी नहीं बनी है, सैलेरी आते ही 5 हजार रुपए दे दूंगा। पार्षद ने सैलेरी बनवाने के लिए भी अलग से रुपए देने को कहा। इसके बाद पार्षद मीणा के मुंशी सुनील गोचर ने पार्षद के लिए पांच हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से दो माह के बकाया दस हजार रुपए 10 जुलाई 21 से पहले देने के लिए कहा। पार्षद व उसके मुंशी का गोपनीय सत्यापन 01 जुलाई को करवाया तो शिकायत की पुष्टि हो गई। सत्यापन के दौरान आरोपी पार्षद कमल मीणा द्वारा परिवादी को ड्यूटी पर लेने की एवज में 5000 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से बतौर रिश्वत की मांग की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक हर्षराजसिंह खरेड़ा की अगुवाई में पुलिस निरीक्षक नरेश चौहान मय टीम ने 3 जुलाई को ट्रैप की कार्यवाही की। परिवादी कुणाल से आरोपी कमल मीणा व मुंशी सुनील गोचर को अनंंतपुरा थाना चौराहा स्थित यात्री प्रतीक्षालय में मिले। वहां पार्षद कमल मीणा ने परिवादी कुणाल से रिश्वत की राशि मुंशी सुनील गोचर को दिलवाई। सुनील गौचर ने 5000 रुपए परिवादी कुणाल से लेकर पेंट की पीछे की जेब में रखे। परिवादी का इशारा पाकर एसीबी टीम ने पार्षद कमल मीणा व मुंशी सुनील गोचर को रंगे हाथों गिरतार कर लिया। एसीबी ने मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया है।

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