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कोटा एयरपोर्ट पर प्लेन हाईजैक की मॉकड्रिल

राह चलते लोग रह गए चकित, एयरपोर्ट के सामने लग गई भीड़
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कोटा

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 12 Jan 2021, 10:19 PM IST

कोटा एयरपोर्ट पर प्लेन हाईजैक की मॉकड्रिल

कोटा एयरपोर्ट पर प्लेन हाईजैक की मॉकड्रिल

कोटा. अमूमन कोटा एयरपोर्ट पर सन्नाटा छाया रहता है और कोई गतिविधियां नहीं दिखाई देती है, लेकिन मंगलवार को सुबह 11 बजे इमरजेन्सी अलार्म बजते ही हर तरफ हड़कम्प गया। माइक पर अनाउंस किया कि दिल्ली से प्लेन हाईजैक हो गया और कोटा एयरपोर्ट पर उतरेगा...., इसकी सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर भारी हलचल मची हुई थी। कुछ ही देर में तमाम सुरक्षा एजेन्सियों के अधिकारी, ब्लैक कमांडो एयरपोर्ट पहुंचे। एम्बुलेंस हो या फायर बिग्रेड इमरजेन्सी अलार्म बजाते हुए धड़ाधड़ दौड़े आए। कुछ ही देर में एयरपोर्ट संवेदनशील जैसी स्थिति में हो गया। झालावाड़ रोड पर लोग एकत्रित हो गए और कौतूहल से नजारा देखते रहे। हालांकि बाद में एयरपोर्ट प्रशासन ने इस मॉकड्रिल घोषित कर दिया। मॉकड्रिल के दौरान अधिकारियों ने आतंकवादियों से बातचीत की। आतंकवादियों ने यात्रियोंं को जान से मारने की धमकी दी। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों आतंकवादियों को मारकर ढेर कर दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया। मॉकड्रिल के लिए सूचना मिली थी कि दिल्ली से आ रहे चार्र्टर विमान को दो आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया है। उसमें यात्री सवार हैं, लेकिन ईंधन भरने के लिए कोटा एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति मांगी है। जैसे ही पायलट से मिली यह सूचना हवाई अड्डा अधिकारी ने मंगलवार सुबह सुरक्षा एजेंसियों को दी। जिला प्रशासन व पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया। एक के बाद एक सभी एजेंसियों के अधिकारी हवाई अड्डा पहुंच गए। एयरपोर्ट पर करीब 40 मिनट से अधिक समय तक पूरा घटनाक्रम चला। एयरपोर्ट ऑथोरिटी और हवाई अड्डा अधिकारी ने विमान हाईटैक की सूचना जिला कलक्टर को दी गई। उन्होंने अपने प्रतिनिधि को भेजा। इसी बीच उन्होंने शहर की सभी सुरक्षा एजेंसियों एटीएस, डॉग स्क्वयार्ड, सीआईडी इंटेलीजेंस, बम विरोध दस्ते, शहर पुलिस अधीक्षक, आरएसीए अग्निशमन विभाग व एम्बुलेंस को सूचना दी। करीब 10 से 15 मिनट के भीतर एक के बाद एक सभी एजेंसियों के अधिकारी व प्रतिनिधि हवाई अड्डा पहुंच गए थे। बाद में पता चला कि सुरक्षा की दृष्टि से यह एंटी हाईजैकिंग मॉकड्रिल थी तो सभी ने राहत की सांस ली। हवाई अड्डा अधिकारी नरेंद्र मीना ने बताया कि साल में एक बार सुरक्षा के लिहाज से इस तरह की मॉकड्रिल की जाती है।