
दधिमती माता के कोटड़ी स्थित प्राचीन मंदिर
कोटा. शक्ति स्वरूपा, सिंहवाहिनी मां दधिमती माता के कोटड़ी स्थित प्राचीन मंदिर में चल रहे गुप्त नवरात्र के तहत रविवार को कमल पूजा अर्चना के साथ प्राण-प्रतिष्ठा की गई। महिलाओं ने माता की मुखारबिंद को सिर पर उठाकर कलश यात्रा निकाली।
आचार्य पं बसंत खटोड़ इंदौर ने बताया कि देवी माता के जाप, मंत्रोच्चारण, यज्ञ आहूति सहित विधिवत पूजन किया गया। इस पूजन में गोठ मांगलोद से आए 108 कमल पुष्पों द्वारा पूजन-अर्चन किया गया। यज्ञमान पुनीत दाधीच ने बताया कि मनीष पुजारी, पंडित गोठ मांगलोद दधिमती मंदिर द्वारा मां दधिमती की नूतन मुखारबिंद की प्राण-प्रतिष्ठा की गई।
प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही माता का मंदिर जयघोषों से गूंज उठा। माता का विशेष शृंगार किया गया। श्रद्धालु जोड़े के साथ हवन में बैठे और मंत्रोचरण के साथ पूजन अर्चन की। पुनीत दाधीच व अंतरिक्ष दाधीच ने मंदिर में मुखारबिंद भेंट किया।
Updated on:
11 Feb 2019 01:09 pm
Published on:
11 Feb 2019 01:05 pm
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