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शहरी स्थानीय निकायों की क्रेडिट रेटिंग जारी

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने रविवार को शहरी स्थानीय निकायों की क्रेडिट रेटिंग जारी की है। इसमें कोटा ने भी जगह बना ली है। क्रेडिट रेटिंग में शामिल होने से नगर निगम स्मार्ट सिटी और अमृत योजना में संसाधन जुटाने के लिए म्युनिसिपल बांड जारी कर सकेगा। कोटा को बीबीबी प्लस रेटिंग मिली है।

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Vineet Kumar Singh

Mar 27, 2017

kota municipal Corporation received bbb plus credit rating

kota municipal Corporation received bbb plus credit rating

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने रविवार को शहरी स्थानीय निकायों की क्रेडिट रेटिंग जारी की है। इसमें कोटा ने भी जगह बना ली है। क्रेडिट रेटिंग में शामिल होने से नगर निगम स्मार्ट सिटी और अमृत योजना में संसाधन जुटाने के लिए म्युनिसिपल बांड जारी कर सकेगा। कोटा को ट्रिपल बी प्लस रेटिंग दी गई है।

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से शुरू की गई क्रेडिट रेटिंग कवायद की प्रगति की समीक्षा में कुल 94 शहरों में से 55 शहरों को निवेश ग्रेड की रेटिंग प्राप्त हुई है। मंत्री वैंकेया नायडू ने बताया कि 55 शहरों को निवेश ग्रेडिंग रेटिंग के रूप में मूल्यांकित किया गया है। प्रदेश में किशनगंज रेटिंग में पहले स्थान पर रहा है। बारां, बूंदी और झालावाड़ को रेटिंग में शामिल होने के लिए नए सिरे से प्रयास करने होंगे।

14 राज्यों के शहर शामिल

क्रेडिट रेटिंग प्रदान किए गए 94 शहर 14 राज्यों में फैले है। शहरी विकास मंत्रालय शहरों की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ावा दे रहा है। इस वर्ष के दौरान करीब 500 शहरों और कस्बों को क्रेडिट रेटिंग प्रदान की जानी है। इन शहरों में देश की कुल शहरी आबादी का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा रहता है।

यह है ग्रेडिंग

स्थानीय निकायों को ट्रिपल ए से बी तक कुल 20 रेटिंग्स दी गई हैं। जिसमें से ट्रिपल बी -रेटिंग तक वाले स्थानीय निकाय निवेश ग्रेड रेटिंग में आएंगे और म्युनिसिपल बांड जारी कर योजनाओं के लिए पैसे जुटा सकेंगे। इससे नीचे की रेटिंग वाले शहरों को अपनी स्थिति सुधारनी होगी और तभी उन्हें यह फायदा मिल सकेगा।

यह था आधार

क्रेडिट रेटिंग स्थानीय शहरी निकायों की परिसम्पत्तियों और देयताओं, राजस्व स्रोतों, पूंजी निवेश के लिए उपलब्ध संसाधनों, डबल एन्ट्री एकाउन्टिंग प्रेक्टिस और अन्य शासन पद्धतियों के आधार पर दी जाती है। कोटा के पूर्व आयुक्त शिवप्रसाद एम. नकाते के वक्त डबल एकाउन्टिंग सिस्टम लागू किया गया था। फाइल ट्रैकिंग सिस्टम भी लागू किया गया था। शहरी निकायों की सम्पत्तियों को भी सूचीबद्ध किया था। सभी सम्पत्तियों के ई डाटा तैयार करवाए थे।

देखिए देश भर के शहरों की क्रेडिट रेटिंग--

क्रेडिट रेटिंग शहर/कस्बे

एए+ (3) नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी)

नवी मुम्बई और पुणे

एए (3) अहमदबाद, विशाखापट्टनम और ग्रेटर हैदराबाद

म्युनिसिपल कार्पोरेशन

एए- (4) सूरत, नाशिक, ठाणे और पिम्परी चिंचवाड़

ए+ (5) इंदौर, किशनगंज (राजस्थान), कोलकाता, वडोदरा

(गुजरात) और वारंगल (तेलंगाना)

ए (1) झुंझुनू (राजस्थान)

ए-(8) अलवर, भिवाड़ी, ब्यावर, जयपुर (राजस्थान),

भोपाल, जबलपुर (मध्य प्रदेश), मीरा भायंदर

(महाराष्ट्र) और न्यू टाउन राजारहाट (पश्चिम बंगाल)

बीबीबी+ (5) अजमेर, कोटा और उदयपुर (राजस्थान), लुधियाना

(पंजाब) और जामनगर (गुजरात)

बीबीबी(14) काकीनाडा, अनंतपुर, कुरनूल और तिरुपति (आंध्र

प्रदेश), दावणगेरे और हुबली-धारवाड़ (कर्नाटक),

कोच्चि और तिरुवनंतपुरम (केरल), पणजी

(गोआ), कोल्हापुर और नागपुर (महाराष्ट्र), जोधपुर,

नागौर और टोंक (राजस्थान)

बीबीबी- (12) अमरावती (महाराष्ट्र), बेलगावी (कर्नाटक), भड़ूच

और भावनगर (गुजरात), भरतपुर, भीलवाड़ा,

बीकानेर और हनुमानगढ़ (राजस्थान), चित्तूर

और कड़प्पा (आंध्र प्रदेश), कटक (ओडिसा),

रांची(झारखंड)

बीबी+ (14) प्रोद्दातूर, नांदियाल और नेल्लौर (आंध्र प्रदेश).

कोल्लम और कोझिकोड (केरल), कलोल, नडियाड

और नवसारी (गुजरात), नांदेड़, शोलापुर

(महाराष्ट्र), गंगापुर सिटी, धौरपुर, पाली और

सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीबी (14) अडोनी और टाडीपत्री (आंध्र प्रदेश), द्वारका

(गुजरात), आयजोल (मिजोरम), त्रिशूर (केरल)

बहरामपुर, राउरकेला और संभलपुर (ओडिसा),

बूंदी, चुरू, चितौड़गढ़, हिंदौन, जोधपुर और

सुजानगढ़ (राजस्थान)

बीबी- (7) आदित्यपुर, चास, देवघर और गिरिडिह

(झारखंड), मोरी (गुजरात), बारन और झालावाड़

(राजस्थान)

बी+ (3) बारीपदा और पुरी (ओडिसा) और हजारीबाग (झारखंड)

बी (1) भद्रक (ओडिसा)