1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहाँ बारिश लाती है बुरी खबर.अंडरपास में होती है दुर्घटना…

kota rain news अंडरपास में घुटनों तक पानी, फंस रहे दुपहिया वाहन

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Suraksha Rajora

Jun 27, 2019

kota rain news Water knees in the underpass, two-wheeled vehicle

यहाँ बारिश लाती है बुरी खबर.अंडरपास में होती है दुर्घटना...

कोटा. Coaching City की यातायात व्यवस्था (Traffic arrangement) को सुचारू रखने के लिए नगर विकास न्यास UIT की ओर से एरोड्राम और अंटाघर सर्किल पर अंडरपास (Underpass) बनाने की तैयारी है, लेकिन जो अंडरपास बनाए गए हैं, उनमें बड़ी तकनीकी खामी सामने आ रही है। अंडरपास में बारिश( rain ) का पानी भर जाता है। इससे आवागमन बंद हो जाता है। कई लोग जोखिम लेकर पार करते हैं, इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।

30 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चली हवाएं...काली घटाओ की आगोश में कोचिंग सिटी, जमकर बरसे मेघ


न्यास की ओर से डकनिया रेलवे स्टेशन (Daknia railway station) के पास गोविंद नगर को जोडऩे के लिए अण्डरपास का निर्माण करवाया गया है। इसका काम करीब छह माह पहले ही पूरा हो गया, लेकिन अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है। अंडरपास बनाने में तकनीकी खामी रह गई। इस कारण बारिश का पानी अंडरपास में भर गया।

अजूबा 50 दांत का, किशोरी के मुँह में निकली बत्तीसी की जगह पचासी, डॉक्टर पड़े पशोपेश में

हल्की बारिश में ही अंडरपास में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। लोग पानी में से होकर मोटरसाइकिलें, स्कूटर, कार आदि निकाल रहे हैं। पानी अधिक होने के कारण बीच में वाहन फंस जाते हैं। इस कारण हमेशा दुर्घटना (Accident) की आशंका बनी रहती है।

आ रहा है सबके लिए शुभ दिन, स्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग के साथ गुरु पुष्य योग भी बनेगा 4 जुलाई को

एक सप्ताह पहले हुई बारिश का पानी इस अंडरपास में भरा हुआ है। लगातार पानी के भराव के कारण गड्ढे हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अंडरपास का काम चल रहा था, तब भी इस बारे में न्यास के अधिकारियों को अवगत करवा दिया था, लेकिन तकनीकी खामी दूर नहीं की गई। स्थिति यह है कि पानी का निकास नहीं होने से बारिश में अंडरपास से आवागमन बंद करना पड़ेगा।

यह थी घोषणा
न्यास ने अंडरपास बनाते वक्त कहा था कि गोविंद नगर, प्रेमनगर, कंसुआ, इन्द्रागांधी नगर आदि क्षेत्र की करीब दो से ढाई लाख की आबादी लाभान्वित होगी। इससे क्षेत्र में कोचिंग विद्यार्थियों (Coaching students) का आवागमन बढ़ेगा, क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा, लेकिन पानी भरने से इसकी उपयोगिता कम हो गई है।