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rbse results : कोटा के सबसे बडे सरकारी स्‍कूल ने बनाया बडा रि‍कॉर्ड, कला के परि‍णाम में कलाकार नि‍कले Super 72

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की सीसै कला वर्ग का परिणाम जारी कर दिया गया है
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Super 72 : कोटा के इस सरकारी स्कूल ने रचा इतिहास

कोटा/ अजमेर . अधिकांश लोगों की धारणा है कि सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई नहीं होती, लेकिन एेसा नहीं है। साधन-संसाधन नहीं होने के बावजूद विकट परिस्थितियों में शहर के बीच गुमानपुरा मल्टीपरज स्कूल ने 12वीं कला संकाय में सर्वश्रेष्ठ व रोचक परीक्षा परिणाम दिया। यहां चित्रकलां व भूगोल विषय में 72 विद्यार्थी नामांकित है। 72 ही पास हुए है और 72 के ही डिस्टेंक्शन लगी है।

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स्कूल के प्रिंसिपल रूपेश कुमार ने बताया कि 12वीं कला संकाय के परीक्षा परिणाम में ड्राइंग व भूगोल में सभी विद्यार्थियों के डिस्टेक्शन लगी है। छात्र अभिषेक वर्मा के सबसे ज्यादा 84.40 प्रतिशत अंक आए है। विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत की बदौलत अच्छा परिणाम आया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा के चलते विद्यार्थियों पर सबसे ज्यादा फोकस रखा। शिक्षकों ने टाइम टेबल बनाकर बच्चों को घर पर पढऩे के लिए प्रेरित किया। यहां तक शिक्षक खुद घर पर बच्चों की पढ़ाई चैक करने जाते थे कि पढ़ रहे या नहीं। अभिभावकों से फोन पर लगातार सम्पर्क रखा। समय बर्बाद नहीं हो इसके लिए लंच में भी बच्चों को लगातार पढ़ाई करवाई। प्रश्न बैंक से प्रश्न हल करवाते थे। नियमित होमवर्क चैक करते थे।

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कोटा ने चार साल का रिकॉर्ड बरकरार रखा
जिला स्तरीय सूची में कोटा जिले में इस बार कला संकाय का कुल 88.57 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। जो पिछले चार साल की तुलना में अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा। पिछले साल कला संकाय का 88.67 प्रतिशत परिणाम रहा था। कला संकाय में कुल 14556 विद्यार्थी पंजीकृत थे। 14288 परीक्षा में बैठे और 12610 पास हुए। इसमें 6345 छात्र, 6365 छात्राएं पास हुई। छात्रों का परिणाम 84.91व छात्राओं का 92.61 प्रतिशत रहा। इसमें प्रथम श्रेणी में 6186परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए है। द्वितीय श्रेणी में 6010 व तृतीय श्रेणी में 414 परीक्षार्थी पास हुए।

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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।

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