प्रदेश के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में स्थापित बाल वाटिका के नन्हे-मुन्हे बच्चों की प्री-प्राइमरी कक्षाएं इसी सत्र से प्रारंभ हो चुकी है। प्री-प्राइमरी टीचर्स की नियुक्तियां भी महिला एवं बाल विकास विभाग से शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित इन स्कूलों में की जा चुकी है। अब आरएससीईआरटी की ओर से प्री-प्राइमरी टीचर्स के लिए नन्हे बच्चों को खेल आधारित शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से शिक्षित करने के लिए एक नटखट गाइड बुक तैयार की गई है। यह अधिकांश बाल वाटिका में उपलब्ध भी करवा दी गई है।
महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल बोरखेड़ा कोटा के उप प्राचार्य राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस नटखट बुक के मुखपृष्ठ और अन्य पृष्ठों को अपने चित्रों से सजाया है। आवरण पृष्ठ को सजाने के लिए टॉय किट और राजस्थानी परिवेश दोनों की झलक दिखाते हुए खिलौने और नन्हे बच्चों का चित्रण किया गया। अन्य पृष्ठों पर संबंधित पाठों के अनुरूप राजस्थानी परिवेश को ध्यान में रखते हुए चित्र बनाए है। उन्होंने बताया कि उदयपुर में इसकी 4 से 5 कार्यशालाएं हुई थी। जिसमें यह बुक तैयार की गई।
क्यू आर कोड से सीधे कर सकेंगे वीडियो लिंक
नटखट बुक में क्यू आर कोड भी दिए गए है। इससे शिक्षक वीडियाे लिंक पर जा सकेगा। उसमें खिलौने बनाने के कंटेंट व उसके उपयोग की जानकारी भी दी गई। बता दें कि शर्मा ने कोरोना काल में बोरखेड़ा स्कूल में कबाड़ में तब्दील कमरों को करीब 25 हजार की राशि खर्च उसे रंगाई-पुताई व पेंटिंग से संवारकर उसमें ड्राइंग लैब तैयार की थी। वर्तमान में 11वीं व 12वीं के बच्चों के लिए यह काम आ रही है।