कोटा. शैक्षणिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला कोटा अगले साल स्मार्ट सिटी बन जाएगा। देश में स्मार्ट सिटी योजना के द्वितीय चरण में सात साल पहले शुरू हुए स्मार्ट सिटी के 69 कार्यों में से 59 काम पूरे हो चुके है, जबकि शेष दस निर्माणाधीन कार्यों को भी एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
कोटा शहर में वर्ष 2016 में स्मार्ट सिटी का काम शुरू हुआ। इसके तहत 69 प्रोजेक्ट्स के लिए 1094.07 करोड़ रुपए का बजट का प्रावधान किया गया। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एयरोड्रम अंडरपास व सर्कल, गोबरिया बावड़ी अंडरपास व सर्कल, अंटाघर अंडर पास, सिटी माॅल के सामने एलिवेटेड रोड, गुमानपुरा फ्लाईओवर, ऑक्सीजोन सिटी पार्क, दशहरा मैदान फेज वन, सेनीटेशन उपकरणों की खरीद, फायर सेफ्टी उपकरणों की खरीद, दशहरा मैदान की पैराफेरी रोड का निर्माण, मल्टीपरपज स्कूल और जयपुर गोल्डन पार्किँग स्थल, एमबीएस एंड जेके लोन चिकित्सालय, स्वामी विवेकानंद चौराहे का विकास, अदालत चौराहे का विकास, घोडे वाले बाबा चौराहे का विकास, हाट बाजार, हेरिटेज गेटों का निर्माण, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स व ट्रांसफर स्टेशनों का निर्माण किया गया।
केंद्र सरकार ने दी सबसे अधिक राशि
इन कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने सर्वाधिक 441 करोड़ रुपए दिए, जबकि राज्य सरकार ने 270 करोड़, नगर निगमों ने 90 करोड़ और यूआईटी ने 90 करोड़ रुपए दिए। इस प्रकार प्रोजेक्ट के लिए अब तक 891 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके है। इसमें 640.55 करोड़ रुपए से अब तक 59 प्रोजेक्ट्स का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष 10 प्रोजेक्ट्स पर 204 करोड़ रुपए खर्च हो चुके है। यूं किया स्मार्ट सिटी के धन का इंतजाम – कोटा स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीटी) में केंद्र सरकार ओर से 50 फीसदी, राज्य सरकार की ओर सेे 30 फीसदी, दोनों नगर निगम की ओर से दस फीसदी और नगर विकास न्यास की ओर से दस फीसदी राशि देने का प्रावधान है।
जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने बताया कि स्मार्ट सिटी का काम तेजी से चल रहा है 85 फीसदी से अधिक का काम पूरा हो चुका है, जबकि 15 फीसदी काम एक साल में पूरा कर लिया जाएगा।
ये एंजेसियां कर रही निर्माण
निर्माण एजेंसी पूरे प्रगति पर कुल प्रतिशत
केएससीएल 9 1 10 15
यूआईटी 41 5 46 67
नगर निगम 9 1 10 15
डीओएसटी 0 1 1 1
डीओआईटी 0 1 1 1
पीडब्ल्यूडी 0 1 1 1
कुल 59 10 69 100
इन क्षेत्रों में इतनी राशि से स्मार्ट बनेगा कोटा
क्षेत्र राशि प्रतिशत
स्वास्थ्य 138.93 13
आईटी 15.26 1
जलापूर्ति 131.25 12
फायर सेफ्टी 7.80 1
गार्डन व पार्क 135.59 12
हेरिटेज, पर्यटन 214.86 20
ट्रांसपोर्ट व पार्किंग 351.22 32
एसडब्लयूएम 71.29 6
स्पोर्ट्स 27.88 3