बदहाली से अटा पड़ा मुक्तिधाम, शव जलाने को भी तलाशनी पड़ती जगह

अव्यवस्थाओं से जूझ रहा केशवपुरा मुक्ति धाम। जिधर देखों वहां बदहाली और गंदगी का आलम है।

By: ritu shrivastav

Updated: 10 Nov 2017, 05:29 PM IST

शहर के मुक्तिधामों की बदहाल व्यवस्था सुधारने के लिए न तो यूआईटी प्रशासन और न ही नगर निगम प्रशासन सतर्क है। इसके चलते इन मुक्ति धामों का विकास नहीं हो पा रहा। और तो और, स्थानीय बाशिंदों द्वारा भी कभी इनकी सार-संभाल तक नहीं ली जाती। एेसे ही हालात हैं शहर के केशवपुरा मुक्तिधाम के, जहां पर हर ओर बदहाली का आलम है।

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बरसों से नहीं हुई कुंड की सफाई

मुक्तिधाम परिसर में वैसे तो लोगों के स्नान के लिए कुंड भी बना हुआ है। लेकिन इसकी सफाई हुए बरसों बीत गए। कुंड में भरे पानी में जलकुंभी व जलीय वनस्पति फैली हुई। पानी भी दुर्गंध मार रहा। यहां आने वाला कोई भी व्यक्ति इस पानी का उपयोग नहीं करता।

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लकड़ी के मुंह मांगे दाम

मुक्तिधाम के बाहर लकड़ी की टाल लगी हुई है। वहीं अंदर भी लोगों ने बेचने के लिए लकडिया़ं जमा रखी हैं। जो मृतक के परिजनों की हैसियत देखकर लकड़ी के दाम तय करते हैं। यहां 700 रुपए प्रति क्विंटल तक मृतक के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी बेच दी जाती है जबकि किशोरपुरा मुक्ति धाम परिसर में 300-400 रुपए प्रति क्विंटल में लकड़ी उपलब्ध कराई जाती है।

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जिधर देखो, उधर गंदगी

मुक्तिधाम परिसर में जिधर देखो, उधर ही गंदगी, कचरा फैला हुआ है। प्रवेश द्वार के पास ही लगे ट्रांसफार्मर के नीचे कचरे का ढेर लगा है। अंदर भी कचरा, गंदगी, पुराने कपड़े, बिस्तर फैले रहते हैं। मुक्तिधाम परिसर में विश्राम स्थल तो बने हुए हैं, लेकिन वहां पर भी लोगों ने घरेलु सामान जमा रखे हैं। यहां बने विश्राम स्थल में पलंग २४ घंटे बिछा रहता है। कूलर भी चलता रहता है। दीवार के रस्सी बंधी है जिसमें कपड़े टंगे रहते हैं।

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