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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल वचन

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने दिया था जय जवान जय किसान का नारा।

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कोटा

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Deepak Sharma

Oct 02, 2017

Lal Bahadur Shastris Precious Words

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने दिया था जय जवान जय किसान का नारा।

अपने पहले प्रधानमंत्री भाषण में कहा...
हर देश के जीवन में वो समय आता है, जब वो इतिहास के चौराहे पर खड़ा होता है और जहाँ एक रास्ते को चयन करना ही पड़ता है. मगर हमारे लिए यहाँ कोई कठिनाई या झिझक नहीं है, दांये-बाये देखने जरूरत नहीं है. हमारा रास्ता सीधा और साफ है – घर में स्वतंत्रता और सभी के लिए समृद्धिशाली समाजवादी लोकतंत्र का निर्माण करना है, और सभी देशों के साथ विश्व शांति और मित्रता व्यवहार रखना है.

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हिन्दी सबके लिए जरूरी
"मेरे विचार से पूरे देश के लिए एक संपर्क भाषा का होना आवश्यक है, अन्यथा इसका तात्पर्य यह होगा कि भाषा के आधार पर देश का विभाजन हो जाएगा। एक प्रकार से एकता छिन्न-भिन्न हो जाएगी...भाषा एक ऐसा सशक्त बल है, एक ऐसा कारक है जो हमें और हमारे देश को एकजुट करता है। यह क्षमता हिन्दी में है।"

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देश की अखंडता के लिए बलिदान को तत्‍पर रहें
"जब स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में हो, तो पूरी शक्ति से उस चुनौती का मुकाबला करना ही एकमात्र कर्त्तव्य होता है, हमें एक साथ मिलकर किसी भी प्रकार के अपेक्षित बलिदान के लिए दृढ़तापूर्वक तत्पर रहना है।"

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गांव मजबूत करने होंगे
"मुझे ग्रामीण क्षेत्रों, गांवों में, एक मामूली कार्यकर्ता के रूप में लगभग पचास वर्ष तक कार्य करना पड़ा है, इसलिए मेरा ध्यान स्वतः ही उन लोगों की ओर तथा उन क्षेत्रों के हालात पर चला जाता है। मेरे दिमाग में यह बात आती है कि सर्वप्रथम उन लोगों को राहत दी जाए। हर रोज, हर समय मैं यही सोचता हूं कि उन्हें किस प्रकार से राहत पहुंचाई जाए।"

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गोली नहीं रोटी जरूरी है
"यदि लगातार झगड़े होते रहेंगे तथा शत्रुता होती रहेगी तो हमारी जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। परस्पर लड़ने की बजाय हमें गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना चाहिए। दोनों देशों की आम जनता की समस्याएं, आशाएं और आकांक्षाएं एक समान हैं। उन्हें लड़ाई-झगड़ा और गोला-बारूद नहीं, बल्कि रोटी, कपड़ा और मकान की आवश्यकता है।"

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अहिंसा का कोई विकल्प नहीं
लोगों को सच्चा लोकतंत्र और स्वराज कभी भी हिंसा और असत्य से प्राप्त नहीं हो सकता। अहिंसा का कोई विकल्प नहीं है। आर्थिक मुद्दे हमारे लिए सबसे जरूरी है, जिससे हम अपने सबसे बड़े दुश्‍मन गरीबी और बेराजगारी से लड़ सके।"

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भ्रष्टाचार को उखाड़ फैकना जरूरी
भ्रष्टाचार को उखाड़ फैकना बहुत मुश्किल काम है, लेकिन मैं ऐसा पूरी गंभीरता से कहता हूँ कि अगर हम इस समस्या को काबू में करने के लिए गंभीरता व दृढ़ता के साथ काम नहीं करते हैं तो हम हमारे कर्तव्य में असफल हो जायेंगे।