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बड़े अफसरों की फर्जी सील व आदेश से करोड़ों में बेच दी सरकारी जमीन, यों पकड़ में आया भूमाफिया

कोटा के रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने विज्ञान नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी कर सरकारी जमीन को बेच 1.30 करोड़ की ठगी करने के मामले में आरोपी भूमाफिया को गिरफ्तार किया है। उसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से 23 तक पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा है। आरोपी के खिलाफ कई जिलों में 12 आपराधिक प्रकरण ठगी व धोखधड़ी के दर्ज हैं।

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कोटा

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Deepak Sharma

Sep 17, 2022

बड़े अफसरों की फर्जी सील व आदेश से करोड़ों में बेच दी सरकारी जमीन, यों पकड़ में आया भूमाफिया

बड़े अफसरों की फर्जी सील व आदेश से करोड़ों में बेच दी सरकारी जमीन, यों पकड़ में आया भूमाफिया

कोटा के रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने विज्ञान नगर थाने में दर्ज धोखाधड़ी कर सरकारी जमीन को बेच 1.30 करोड़ की ठगी करने के मामले में आरोपी भूमाफिया को गिरफ्तार किया है। उसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से 23 तक पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा है। आरोपी के खिलाफ कई जिलों में 12 आपराधिक प्रकरण ठगी व धोखधड़ी के दर्ज हैं।

पुलिस अधीक्षक शहर केसर सिंह शेखावत ने बताया कि फरियादी रविन्द्र नागर ने रिपोर्ट में बताया था कि आरोपी धनकिशोर उर्फ नंदकिशोर व्यास ने हनुवंतखेड़ा स्थित सरकारी जमीन को अपनी बताकर उसे बेच दिया और 1.30 करोड़ की ठगी कर ली। फरियादी ने एक रिपोर्ट रेलवे कॉलोनी थाने में भी दी थी। दोनों प्रकरणों का अनुसंधान रेलवे कॉलोनी थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह को सौंपा गया। पुलिस ने दोनों प्रकरणों में गिरोह के सदस्य योगेश पालीवाल, शहजाद अली उर्फ सजाद, जगन्नाथ लश्करी को पुलिस ने पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि आरोपी धनकिशोर उर्फ नंद किशोर फरार था। थानाधिकारी मुनीन्दर सिंह मय टीम ने 3 सितम्बर को आरोपी जोधपुर हाल हनुमान बस्ती दादाबाड़ी निवासी धनकिशोर उर्फ नंदकिशोर व्यास (40) को बावरी सराय आमेर जयपुर से गिरफ्तार किया था।
उच्च अधिकारियों की फर्जी सीलें
आरोपी ने हनुवंतखेड़ा की सरकारी जमीन में मुख्य शासन सचिव, जिला कलक्टर कोटा, तहसीलदार लाडपुरा, एसडीएम, यूआईटी सचिव की फर्जी सील व फर्जी आदेश जारी कर उक्त सरकारी जमीन का फर्जी राजस्व रिकार्ड तैयार किया। फर्जी दस्तावेजों से फरियादी रविन्द्र नागर को हनुवंतखेड़ा में स्थित सरकारी जमीन को अपनी बताकर गैंग के सदस्यों के माध्यम से बेच दिया एवं 10 करोड़ 50 लाख रुपये में सौदा कर एडवांस राशि 1 करोड़ 30 लाख रुपए ठग लिए थे।

भेष बदल छिपता फिरा
आरोपी धर्मशाला, मठ, मंदिर व आश्रम में छिपकर रहा। पुलिस को गुमराह करने के लिए राज्यपाल के मार्फत राष्ट्रपति के नाम एक झूठा परिवाद आत्महत्या व इच्छामृत्यु का पेश किया, जिसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था।