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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जयपुर में विभूतियों को सम्मा​नित किया

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने माटी मानस अर्जुन कला संग्रहालय की ओर से आयोजित अर्जुन कला अवार्ड तथा मूर्तिशिल्प अनावरण समारोह में कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही विभूतियों को सम्मानित किया।

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कोटा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को माटी मानस अर्जुन कला संग्रहालय की ओर से आयोजित अर्जुन कला अवार्ड तथा मूर्तिशिल्प अनावरण समारोह में कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही विभूतियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने दिवंगत मूर्तिकार पद्मश्री अर्जुन प्रजापति का स्मरण करते हुए कहा कि वे कला के मूर्धन्य हस्ताक्षर थे। उनके कार्य पीढ़ियों को प्रेरणा देंगे। बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में बिरला ने कहा कि अर्जुन प्रजापति ने मूर्तिकला को नवीन वैशिष्टय प्रदान किया। देश-विदेश से कला साधक उनकी साधना को देखने आते थे। उन्होंने अपनी कला को परिवार के दायरे तक सीमित नहीं रखा बल्कि नए कलाकार तैयार कर कला का विस्तार किया। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अर्जुन प्रजापति ने कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा में भी अपनी कला को लोगों की मदद का माध्यम बनाया। अपनी मूर्तियों और कृतियों को नीलाम कर उससे प्राप्त राशि को उन्होंने कोरोना मरीजों की सहायता के लिए दान किया।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति रहे न रहे उनके विचार और उनके कार्य सदा जीवित रहते हैं। उनके कार्य वर्तमान पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परम्पराओं के वैभव को नए उत्कर्ष पर ले जाने का मार्गदर्शन करते हैं तो भावी पीढ़ियों के लिए भी एक महान प्रेरणा हैं। उनके जाने के बाद उनका परिवार अर्जुन प्रजापति की कला को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है जो सराहनीय है। कार्यक्रम में जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, विधायक संदीप शर्मा, जयपुर ग्रेटर के उपमहापौर पुनीत कर्नावट, भाजपा प्रदेश मंत्री मधु कुमावत, राजस्थान युवा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सैनी भी उपस्थित रहे।

अर्जुन सही मायनों में माटी मानस
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने कहा कि कला की साधना बेहद कठिन है। कला के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव जीवन में उत्पन्न होने पर ही अर्जुन प्रजापति जैसे साधक सामने आते हैं। वे सच्चे मायनों में माटी मानस थे जो माटी और निर्जीव वस्तुओं से एक जीवंत कृति को साकार कर देते थे। उनकी कला हमारी संस्कृति और परंपरा की पहचान है।

इन विभूतियों का हुआ सम्मान
जयपुर के प्रसिद्ध चित्रकार पद्मश्री सम्मान से अलंकृत एस. शाकिर अली, चित्रकार गोपाल स्वामी खेतांक्षी, राजस्थान ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डा. अश्विन महेश दलवी, जयपुर के मूर्तिकार गोपाल लाल शर्मा, इटारसी के रोहित प्रजापति तथा भोपाल के स्वपनिल ठाकरे का कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति की पत्नी कमलेश प्रजापति का भी सम्मान किया गया।