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रख-रखाव की व्यवस्था से अब बदलेगी विलंब ट्रेनों की सूरत

अब ट्रेक, सिग्नल और विद्युत से संबंधित कार्य एक साथ होंगे

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कोटा

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Zuber Khan

Jun 28, 2018

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कोटा. ट्रेनों का परिचालन घंटों विलम्ब से होने में सुधार नहीं होने पर रेल मंत्रालय ने इससे रेलवे अधिकारियों की फरफोर्मेंस से जोडऩे के बाद अब एक और बड़ा कदम उठाया है। अब रेलवे ट्रेक के रखरखाव से जुड़े अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग दिन मेगा ब्लॉक नहीं लिया जाएगा, बल्कि संयुक्त रूप से रेलपथ, विद्युत लाइन एवं सिग्नल उपकरणों का रखरखाव किया जाएगा।

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रेलवे बोर्ड ने निर्देश जारी किए हैं कि एकीकृत मेगा ब्लॉक लेकर रेलपथ का रखरखाव किया जाए, जिससे गाडिय़ों के समयपालन पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़े। पश्चिम मध्य रेलवे में इसकी शुरुआत हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार अभी तक रेलवे के अलग-अलग विभाग अलग-अलग दिन मेगा ब्लॉक लेकर ट्रेक, विद्युत लाइन और सिग्नल से संबंधित रखरखाव कार्य कर रहे थे, इससे बार-बार मेगा ब्लॉक देना पड़ रहा था।

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इससे ट्रेनें घंटों विलम्ब हो रही थी। इससे आए दिन यात्रियों को परेशानी हो रही थी। यात्रियों की ओर से रेलमंत्री को शिकायतें जा रही थी। रेल मंत्री के ट्विटर पर भी रेल यात्रियों ने मेगा ब्लॉक के कारण ट्रेनें लेट होने को लेकर शिकायतें की थीं। रेल यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर रेलवे ने यह कदम उठाया है।

5 घंटे के ब्लॉक में ये हो सकते हैं काम
पश्चिम मध्य रेलवे की पहली एक्सरसाइज में यह सामने आया है कि संयुक्त मेगा ब्लॉक के दौरान पांच घंटे में 10 किमी ट्रेक में मशीन से टेंपिग का कार्य, 30 स्थानों में रेलवे ट्रेक में वेल्डिंग, 410 स्लीपर बदलने के साथ विद्युत सुधार का कार्य किया जा सकता है। 8.5 ट्रेक किलोमीटर की टावर वैगन द्वारा चेकिंग की जा सकती है। 10 फ्लेस इन्सुलेटर बदलने, 24 ब्रेकेट और 9 एटीडी का रखरखाव किया जा सकता है।

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एक नजर
2997 किमी लम्बा रेलमार्ग व 6295 किमी से अधिक ट्रेक है पश्चिम मध्य रेलवे में
1627 किमी से अधिक रेलमार्ग विद्युतकृत है
3972 ट्रेक किमी विद्युतीकृत है
896 किमी रेलमार्ग व 1971 किमी ट्रेक है कोटा मंडल में
751 यात्री ट्रेनों का संचालन होता है जोन में
90 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं कोटा मंडल से

रेलमंत्री की सोच है कि एकीकृत मेगा ब्लॉक लेकर रखरखाव कार्य किया जाए। इससे ट्रेनों के समयपालन पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़े। पश्चिम मध्य रेलवे ने यह पहल शुरू कर दी है। पश्चिम मध्य रेलवे केकटनी-बीना खंड में पहला प्रयोग किया गया, जो सफल रहा।
-प्रियंका दीक्षित, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पमरे

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देरी से आई लम्बी दूरी की ट्रेनें
कोटा. विभिन्न मंडलों में मेगा ब्लॉक और अन्य तकनीकी कारणों से ट्रेनों का परिचालन घंटों देरी से हो रहा है। कोटा जंक्शन से गुजरने वाली लम्बी दूरी की ट्रेनें बुधवार को घंटों देरी से पहुंची। गुवाहाटी से आने वाली द्वारिका एक्सप्रेस 10 घंटे, मुजफ्फरपुर-बान्द्रा अवध एक्सप्रेस 8 घंटे और गरबा एक्सप्रेस 7 घंटे विलम्ब हुई। इसी तरह पटना-कोटा एक्सप्रेस 6 घंटे, गोरखपुर-बान्द्रा अंत्योदय एक्सप्रेस 4 घंटे, देहरादून-बान्द्रा एक्सप्रेस 4 घंटे 15 मिनट और गाजीपुर सिटी-बान्द्रा एक्सप्रेस 4 घंटे देरी से आई।