
Millions of drug purchase scam, 6 people guilty in the investigation in MBS hospital Kota
एसीबी के तत्कालीन एएसपी यशपाल शर्मा के नेतृत्व में एसीबी टीम ने 13 फरवरी 2001 को एमबीएस अस्पताल के दवा स्टोर की आकस्मिक जांच की। इस दौरान कई ऐसी दवाएं मिली, जिनका अनुमोदन ही जारी नहीं किया गया था। जांच के दौरान एसीबी के सामने यह तथ्य आया कि 1998-99 में क्रय की जाने वाली दवाओं के लिए गठित क्रय समिति ने राज्य सरकार की ओर से क्रय की जाने वाली दवाओं की अनुमोदित सूची में नहीं होने के बावजूद कुछ दवाएं खरीद कर राज्य सरकार को 7 लाख 41 हजार रुपए की आर्थिक हानि पहुंचाई।
इस पर एसीबी ने तत्कालीन क्रय समिति अध्यक्ष व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम.आर. सोनगरा, क्रय समिति सदस्य सहायक आचार्य डॉ. डी.पी. शारदा, लेखाधिकारी सलीम खान और एलडोक फार्मासिस्ट फर्म के प्रोपराइटर महेश मित्तल, गोपालदास मित्तल व पुरुषोत्तमदास मित्तल के खिलाफ 2006 में मामला दर्ज किया था।
एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने जांच में दोषी मानते हुए सभी 6 जनों के खिलाफ गुरुवार को अदालत में चालान पेश किया। दोनों डॉक्टर व लेखाधिकारी काफी समय पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए डॉ. शारदा ने कुछ समय पहले भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र पेश किया था। इसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया था।
Published on:
22 Jun 2017 08:31 pm
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