
आधुनिक फर्नीचर से लेकर ई-लर्निंग क्लास बनेगी
कोटा. जिले में संचालित ज्यादातर मदरसों की हालत दयनीय है। अल्पसंख्यक विभाग जब मुख्यमंत्री आदर्श मदरसा योजना के लिए पात्र मदरसों की खोज में निकला तो 131 में से महज 9 ही मदरसे मापदंडों पर खरे उतरे। शेष सभी में हालत खस्ता है। इनके पास न तो खुद का भवन है और ना ही भूमि। किसी के पास भूमि है तो पट्टा नहीं। नामांकन भी अति न्यून है।
इसी बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 500 ए श्रेणी के मदरसों को आदर्श रूप में विकसित करने का ऐलान किया था। इसकी पालना में कलक्टर की अध्यक्षता में बनी कमेटी को ऐसे मदरसों का चयन करना है। लिहाजा, जब अल्पसंख्यक विभाग ने मदरसों को सूचीबद्ध कर भौतिक सत्यापन करवाया तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। हमारे ज्यादातर मदरसे योजना की दौड़ में ही शामिल नहीं हो सके। जिले में 131 में से मात्र 9 ही मदरसे आदर्श श्रेणी में खरे उतरे हैं, बाकी सब बाहर हो गए। इनमें से भी चार मदरसों के ग्राम पंचायत द्वारा जारी पट्टे नहीं हैं, लेकिन उनको तीन माह में ग्राम पंचायत से पट्टा बनवाने का समय दिया है। एक मदरसे को नामांकन बढ़ाने के कहा गया है। अब इन मदरसों की सूची को अनुमोदन के लिए कलक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी को भेजा गया है।
ऐसे बनाएंगे आदर्श
आदर्श मदरसों के विद्यार्थियों को ई-ज्ञान उपकरण से शिक्षा दी जाएगी। ई-लर्निंग क्लास रूम बनेंगे। खेलकूद के लिए किट दिए जाएंगे। मदरसों में ग्लोब, चार्ट, पुस्तकें, मैथ्स किट सहित अन्य सामग्री व आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा।
इसलिए दौड़ से बाहर
1स्वयं का भवन नहीं।
2 भूमि का मालिकाना हक नहीं।
3 भूमि के पट्टे रजिस्टर्ड नहीं।
4 छात्र संख्या भी 35 से कम।
ये हमारे ए श्रेणी के मदरसे
1 मदरसा जामियतुल हुदा , मोड़क स्टेशन
2 मदरसा अंजुमन पब्लिक स्कूल बपावरकलां
3 मदरसा अंजुमन इस्लामिया लुहावद
4 मदरसा मुहम्मदिया अरबिया, अहीर पाड़ा वार्ड-2 कैथून
5 मदरसा अंजुमन इस्लामिया वार्ड 20, शाहपुरा, कैथून
6 मदरसा अंजुमन इस्लामिया स्कूल सांगोद
7 मदरसा दारूल उलूम रिजविया, मोहल्ला तलहेठी, ईदगाह के पास कैथून
8 शमसुल इस्लाम स्कूल, चमन होटल के पीछे, बड़ा मस्जिद नयापुरा
9 मदरसा अंजुमन कमेटी, करवाड़।
Published on:
07 Aug 2018 04:12 pm
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