
कोटा का संतरा और नींबू बदल देगा राजस्थान की तकदीर, जानिए कैसे...
कोटा . आधुनिक तकनीक से पौधे तैयार करने, किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी देने, फ्रूट प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, पैकिंग, वैक्सीन अत्याधुनिक सुविधाओं के लिहाज से अखिल भारतीय अनुसंधान केंद्र नई दिल्ली के बाद कोटा में देश का दूसरा हाईटेक मल्टीपरपज संतरा उत्कृष्टता केंद्र तैयार हो चुका है। यहां तैयार फल विदेशों में निर्यात होंगे। इससे राजस्थान सरकार को अच्छी आय होगी। साथ ही राजस्थान के विकास में संतरा उत्कृष्टता केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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बूंदी रोड स्थित उद्यान विभाग की राजहंस इकाई परिसर में चार साल पहले इंडो-इजराइल तकनीक से बना संतरा उत्कृष्टता केंद्र हाईटेक सुविधाओं से युक्त है। यहां संतरा के अलावा, नींबू, किन्नू, मौसमी की विभिन्न किस्मों के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं। उनके फलों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, वैक्सीन की अत्याधुनिक तकनीकी की मशीनें व प्लांट भी लग चुके हैं। किसानों को नींबू वर्गीय पौधे आधुनिक तकनीक से लगाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। केंद्र से अब तक संतरा की विभिन्न किस्मों के एक लाख 37 हजार 484 पौधे किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
आधुनिक तकनीक से खेती व फ्रूट प्रोसेसिंग पर जोर
कृषि अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि केंद्र में किसानों को आधुनिक तकनीक से बागवानी करने, पौधों की समय-समय पर सिंचाई, खाद, दवा, कीटरोग की रोकथाम, खरपतवार हटाने, पौधों की कटिंग, ड्राफ्टिंग आदि का भी प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर झालावाड़ जिले के कई बागवानों ने आधुनिक तकनीक अपनाई और अच्छी आमदनी प्राप्त की। वहीं केंद्र परिसर में फ्रूट प्रोसेसिंग, कलर सोर्टिंग प्लांट भी लगा है। जहां पर कच्चे, पक्के फलों की छंटाई, वैक्सीन, पैकिंग, पैकेजिंग की जा रही है। केंद्र पर लगे ऑटोमेशन सेंटर के माध्यम से पौधों, नर्सरियों में कम्प्यूटर सिस्टम से ऑटोमेटिक सिंचाई की जाती है। अब तक केंद्र से किसानों को विभिन्न किस्मों के 1.37 लाख पौधे वितरित किए जा चुके हैं।
नींबू वर्गीय दो दर्जन प्रजातियों के एक लाख पौधे तैयार
नींबू के 10 हजार पौधे : एनआरसी-7, 8, विक्रम, बालाजी, परमालिनी, साईं शरबती, गंगानगरी नींबू, तिरूपति पटलर किस्म के।
मौसमी के 25 हजार पौधे : एनसीआर नागरपुर, कटहल गोल्ड, न्यू शेलर, वाशिंगटन नेवल, पाइनेपल, निहोल नेवल, वेलेंशिया, ओलेंडा, जाफा, ब्लडरेड किस्म के।
संतरा के 65 हजार पौधे
नागपुरी संतरा, नागपुरी सीडलेस, मिखाल, डेजी, क्लेमेंटाइन, प्रिमोंट, फेयर चाइल्ड, मरकेट किस्म के तैयार किए जा चुके हैं।
संतरा उत्कृष्टता केंद्र प्रभारी राशिद खान ने बताया कि इस साल केंद्र पर संतरा के अलावा, नींबू, किन्नू, मौसमी की दो दर्जन से अधिक किस्मों के भी एक लाख पौधे तैयार किए हैं। इनमें से करीब एक दर्जन से अधिक किस्में तो विदेशी हैं। आईसीएआर के सीओई (सेटर फॉर एक्सीलेंस) के बाद यह देश का दूसरा हाईटेक सीओई है।
Published on:
01 Jun 2018 11:57 am
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