आधुनिक तकनीक से खेती व फ्रूट प्रोसेसिंग पर जोर
कृषि अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि केंद्र में किसानों को आधुनिक तकनीक से बागवानी करने, पौधों की समय-समय पर सिंचाई, खाद, दवा, कीटरोग की रोकथाम, खरपतवार हटाने, पौधों की कटिंग, ड्राफ्टिंग आदि का भी प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर झालावाड़ जिले के कई बागवानों ने आधुनिक तकनीक अपनाई और अच्छी आमदनी प्राप्त की। वहीं केंद्र परिसर में फ्रूट प्रोसेसिंग, कलर सोर्टिंग प्लांट भी लगा है। जहां पर कच्चे, पक्के फलों की छंटाई, वैक्सीन, पैकिंग, पैकेजिंग की जा रही है। केंद्र पर लगे ऑटोमेशन सेंटर के माध्यम से पौधों, नर्सरियों में कम्प्यूटर सिस्टम से ऑटोमेटिक सिंचाई की जाती है। अब तक केंद्र से किसानों को विभिन्न किस्मों के 1.37 लाख पौधे वितरित किए जा चुके हैं।