
400 परिवारों पर मंडराएगा संकट
रामगंजमंडी (कोटा). रेलवे स्टेशन से उपाधीक्षक कार्यालय तक रेलवे की सीमा से सटकर गंदे पानी की निकासी का बनाया नाला बरसात के दिनों में पानी भराव से अवरुद्ध होने पर करीब चार सौ परिवारों के लिए मुसीबत का सबब बनेगा।
रेलवे गंदे पानी की निकासी वाले इस नाले को एएसआई कंपनी के पुराने भवन के सामने वाले हिस्से में पूरी तरह से बंद कर चुका है। बरसात के दिनों में पानी जब नाले में आएगा तो पानी की निकासी नहीं होने से वह ओवरफ्लो होकर समीप बने मकानों के अंदर तक घुसने से लोगों की परेशानी को बढ़ाएगा। रेलवे को पालिका की तरफ से इस मामले में पत्र भी लिखा जा चुका है। करीब एक माह से अधिक का समय बीत गया, रेलवे की तरफ से पालिका को जवाब तक नहीं दिया गया। वहीं रेलवे का कोई अधिकारी भी मौका निरीक्षण करने नहीं आया।
रामगंजमंडी की जब स्थापना हुई उस समय रेलवे सीमा से सटकर बनाए गए मकानों के बीच में पालिका की तरफ से नाले का निर्माण कराया गया था। पालिका सीमा में बने इस नाले में बाजार नं एक में रेलवे स्टेशन चौराहे से उपाधीक्षक कार्यालय तक निर्मित होने वाले मकानों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी होती है। रेलवे स्टेशन चौराहे से उपाधीक्षक कार्यालय तक करीब चार सौ परिवारों के घरों से निकलने वाले वेस्टेज व गंदे पानी की निकासी में कभी अवरोध आता है तो उसकी सफाई का दायित्व पालिका को निभाना पड़ता है।
पालिका की तरफ से इस हिस्से में अधिकांश जगह पर पक्का नाला निर्माण कार्य भी करवाया हुआ है। यहां रहने वाले परिवारों का कहना हैं कि बाजार नं एक में पीछे नाला होने व वेस्टेज पानी की निकासी का पीछे के नाले में होने की बात को देखते हुए पालिका ने आगे के हिस्से में नाला नहीं बनाया। बरसों से नाले में किसी तरह का अवरोध भी पैदा नहीं हुआ। रेलवे ने अब अपनी सीमा के अंदर बाउन्ड्रीवॉल बनाने की कवायद चालू की है। बाउन्ड्रीवॉल निर्माण के लिए नाले के अंतिम छोर में आकर खुदाई कार्य होने से नाला अब पूरी तरह से बंद हो चुका है।
रेलवे अपने हिस्से में यहां बाउन्ड्रीवॉल की तैयारी करने के लिए पिल्लर का बेस तैयार करके संवेदक के जरिए कार्य को चालू करवा चुका है। यह नाला पहले उपाधीक्षक कार्यालय के पिछवाड़े में बने नाले से होकर बाजार नं एक में पुलिस थाना चौराहे पर बड़े नाले में मिलता था। नाला बंद होने से अब सारा पानी बंद हुए नाले के हिस्से में एकत्रित होना प्रारंभ हो चुका है। ठहरा हुआ पानी बदबू मारने से आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ गई।
रेलवे को लिखा पत्र , जवाब नहीं आया अधिशासी अधिकारी सत्यनारायण राठौर ने बताया कि पालिका की तरफ से इस मामले में मंडल रेल प्रबंधक को करीब चार सो परिवारो की परेशानी को इंगित करते हुए पत्र लिखा था जिसमें नाला निर्माण की जरूरत बताई थी इसके बावजूद रेलवे की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
महज दो सौ मीटर का अधूरा निर्माण बढ़ाएगा दिक्कत रेलवे ने अंतिम छोर में बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण चालू कर नाला अवरुद्ध किया है। जहां से नाला बंद करके बाउन्ड्रीवॉल बनाई जा रही है, उस जगह से उपाधीक्षक कार्यालय के पिछवाड़े तक की दूरी 200 मीटर है।
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Published on:
18 Apr 2022 12:31 am
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