
कोटा .
उद्योग नगर थाना क्षेत्र में करीब 5 साल पहले महिला और उसके बेटे के हाथ-पैर बांधकर बेटे के सामने उसकी मां से गैंगरैप करने के बाद दोनों की गोली मारकर हत्या करने के चर्चित मामले में एससी एसटी अदालत ने मंगलवार को तीन हत्यारों को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया है। साथ ही उन पर 75-75 हजार रुपए जुर्माना भी किया है।
यह थी वारदात
उद्योग नगर थाना क्षेत्र में डकनिया स्टेशन से सटे बजरंग नगर में 5 दिसम्बर 2012 की रात को मां-बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें पुलिस ने बताया था कि उद्योग नगर के हिस्ट्रीशीटर शिवा कोली की पत्नी गुड्डी [35] व बेटे रोहित [16] की हत्या की। हत्या से पहले तीनों ने मृतका से दुष्कर्म भी किया था।
सोते हुए बेटे के जाग जाने के कारण आरोपित और वहशी हो उठे थे। उन्होने बेटे को बांधकर उसके सामने मां से सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर दोनों को गोली मार दी। वारदात के चार दिन बाद गहन अनुसंधान के बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों को धर दबोचा था। इससे पहले तक शक की सुई फरार चल रहे पति शिवा पर घूम रही थी। आरोपित नकबजनी का माल अकेले शिवा द्वारा हड़पने से खफा थे और कई दिनों से बदला लेने की फिराक में थे।
भाई आया तब वारदात का पता चला था
शिवा अक्सर फरार ही रहता था और कई दिनों से घर नहीं आया था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जब विज्ञान नगर में रहने वाला गुड्डी का मौसेरा भाई मुकेश सिलेण्डर लेने घर पहुंचा तो घटना का पता चला। गुड्डी का शव कमरे में व रोहित का शव बक्से में दिखा। दोनों के हाथ बंधे थे। जब मुकेश आया तब मुख्य दरवाजा लगा था, लेकिन उसकी कुंदी खुली हुई थी। ऐसी ही स्थिति में उस कमरे का दरवाजा था, जिसमें दोनों शव पड़े हुए थे।
रंजिश का पता चला तो जांच को मिली दिशा
जांच में जुटे पुलिस दल को सुराग मिला था कि मृतका गुड्डी के पति शातिर अपराधी शिवा का उसके साथी छत्रपुरा निवासी शातिर नकबजन टीपू सुल्तान उर्फ आबिद अली [20] के बीच एक नकबजनी के माल के बंटवारे को लेकर रंजिश चल रही थी। मुखबिर से सूचना के बाद टीपू सुल्तान व उसे दो साथियों गोविंद नगर निवासी इमरान उर्फ दिल्ली वाला [22] तथा बजरंग नगर, उद्योग नगर निवासी कपिल महावर [18] को सवाईमाधोपुर के खंडार से गिरफ्तार किया था।
चोरी का माल हड़प गया था शिवा
पूछताछ में टीपू सुल्तान ने बताया था कि 15 अक्टूबर 2012 को उसने शिवा के साथ मिलकर भीलवाड़ा में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से एक घर से 5-7 लाख के जेवर चुराए थे। यह पूरा माल शिवा हड़प गया। इसके बंटवारे को लेकर उसने कई बार शिवा से बात की और उनके बीच कहासुनी भी हुई, लेकिन उसने एक पैसा नहीं दिया।
इसी रंजिश के चलते टीपू व अपने दोनों साथियों के साथ 5 व 6 दिसम्बर की रात बजरंग नगर में शिवा के घर पहुंचे। एक साथी ने छत से कूदकर दरवाजे की कुंदी खोली। तीनों ने भीतर वाले कमरे [जहां गुड्डी व रोहित सो रहे थे] की दीवार तोड़ी तो गुड्डी उठी और दरवाजा खोला। इसके बाद भीतर दाखिल हुए और चुराए गए माल को ढूंढा। कुछ नहीं मिला तो गुड्डी के गहने छीन लिए। उसके हाथ-पैर बांधे व रोहित के कनपटी पर पिस्टल तान दी। तीनों ने दुष्कर्म किया और बाद में पहले गुड्डी व फिर रोहित की हत्या कर दी।
कबूलीं थी और भी वारदातें
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्तों ने कोटा, बूंदी व सवाईमाधोपुर में चोरी-लूट की कई वारदातें कबूल ली थी। लूट की वारदातों में इन्होंने चुराई गई एक मोटरसाइकिल काम में ली थी।
Updated on:
08 Nov 2017 12:25 am
Published on:
07 Nov 2017 10:08 pm
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