6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

नारायण विहार व शुभ-लाभ एनक्लेव:16 साल से चम्बल के मीठे पानी का इंतजार

कोटा बोरखेड़ा क्षेत्र की देवली अरब रोड स्थित नारायण विहार व शुभ-लाभ एनक्लेव के लोग बीते 16 साल से चम्बल के शुद्ध पानी का इंतजार कर रहे हंै, लेकिन उन्हें आज तक मीठा और पीने योग्य पानी नसीब नहीं हो सका है। मजबूरन लोगों को बोरिंग का मटमैला व फ्लोराइडयुक्त पानी ही पीना पड़ रहा है।  

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Abhishek Gupta

Jan 09, 2022

नारायण विहार व शुभ-लाभ एनक्लेव:16 साल से चम्बल के मीठे पानी का इंतजार

नारायण विहार व शुभ-लाभ एनक्लेव:16 साल से चम्बल के मीठे पानी का इंतजार

कोटा. बोरखेड़ा क्षेत्र की देवली अरब रोड स्थित नारायण विहार व शुभ-लाभ एनक्लेव के लोग बीते 16 साल से चम्बल के शुद्ध पानी का इंतजार कर रहे हंै, लेकिन उन्हें आज तक मीठा और पीने योग्य पानी नसीब नहीं हो सका है। मजबूरन लोगों को बोरिंग का मटमैला व फ्लोराइडयुक्त पानी ही पीना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि बोरिंग से इतना मटमैला व फ्लोराइडयुक्त पानी आता है कि तीन माह में आरओ फिल्टर खराब हो जाते हैं। इस पानी से बाल झडऩे, पेट दर्द होने के साथ हड्डियां भी कमजोर हो रही हैं। लोगों को हर तीन माह में आरओ का फिल्टर बदलवाना पड़ता है। इसमें पांच हजार का अतिरिक्त खर्च भुगतना पड़ता है। लोगों ने बताया कि बोरिंग का पानी पीने योग्य नहीं है। मजबूरी में लोग कैम्पर तक मंगवाते हैं। कई बार हैंडपम्प से पीना लाकर पीना पड़ता है।

यह भी पढ़े: https://www.patrika.com/kota-news/city-development-trust-in-kota-took-action-in-the-kansua-affordable-7265607/

2015 में अनुमोदित हुई दोनों एनक्लेव
नारायण विहार व शुभ-लाभ एनक्लेव कॉलोनी नगर विकास न्यास से 2015 में अनुमोदित हो चुकी है। इसके बाद से ही कॉलोनीवासी पाइप लाइन के लिए जलदाय विभाग, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क कर लिखित में दे चुके हैं, लेकिन लोगों की इस जरूरी मांग की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

यह भी पढ़े: https://www.patrika.com/kota-news/161-corona-positives-were-found-in-one-day-in-kota-division-7265646/

रास्ता भी खराब
कॉलोनी वासियों ने बताया कि दोनों एनक्लेव को जोडऩे के लिए रास्ता है, लेकिन वह भी खराब पड़ा है। न्यास ने मार्च 2021 में इस कॉलोनी में सड़क मय नाली के लिए 75 लाख का प्रस्ताव बना दिया था, लेकिन उसका भी आज तक काम शुरू नहीं हुआ।

इनका यह कहना
कॉलोनी में बोरिंग का पानी पीने योग्य नहीं है। यह कई बीमारियों को जन्म दे रहा है। कॉलोनी में चम्बल का पानी पहुंचाने के लिए सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। कम से कम चम्बल किनारे बसे हैं तो मीठा पानी हमें मिलना चाहिए।

जगदीश सिंह राठौर, अध्यक्ष, नारायण विहार विकास समिति
कॉलोनी में बोरिंग का पानी आता है। बिजली चली जाती है तो हैंडपम्प के भरोसे रहते हंै। पीने के पानी के लिए बाहर से कैम्पर मंगवाते हैं। कोरोना काल में 600 रुपए मासिक अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

अमित पालीवाल, स्थानीय निवासी

कॉलोनी में जलदाय विभाग की पाइप लाइन नहीं है। बोरिंग का पानी घरों में आता है। छतों पर रखी टंकियों में मिट्टी जम जाती है। इससे पाइप तक जाम हो जाते हैं। कई उपकरण खराब हो रहे हैं। कैम्पर व हैंडपम्प का पानी पीने की मजबूरी है।
अंशु मुद्गल, स्थानीय निवासी