11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

रंग लाया पत्रिका का प्रयास, सरकार ने नयापुरा बस स्टैण्ड के निरीक्षण के लिए भेजी टीम

कोटा आगार को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले शहर के नयापुरा बस स्टैंड का तीन सदस्यीय टीम ने दो दिन तक निरीक्षण किया।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

abhishek jain

Dec 11, 2017

 नयापुरा बस स्टैंड

now citis will be clean in swiden style

कोटा .

कोटा आगार को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले शहर के नयापुरा बस स्टैंड का सीएमडी स्तर से गठित और जयपुर मुख्यालय से आई तीन सदस्यीय टीम ने दो दिन तक निरीक्षण किया। रोडवेज के जयपुर मुख्यालय के कार्यकारी निदेशक (यातायात) यूडी खान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने स्टैंड परिसर में यात्रियों की सुविधा, असुविधा का जायजा लिया। यात्रियों, कर्मचारियों, चालक-परिचालक, केंटीन संचालक, अन्य दुकानदारों से वार्ता कर बस स्टैंड की कमियां पूछी।

Read More: दिन रात दौडने के बाद भी घट गई रोड़वेज की कमाई, अब की जा रही किराये में कमी

इस दौरान यात्रियों ने कहा कि रोजवेज ने डीसीएम रोड पर नया बस स्टैंड बना दिया है लेकिन वहां कोई जाना पसंद नहीं करता। 90 प्रतिशत यात्रा नयापुरा बस स्टैंड पर ही आना पसंद करते हैं। ऐसे में इस बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। भवन, शौचालय, सड़क, विद्युत रोशनी, पेयजल आदि सुविधाओं पर आगार प्रबंधन द्वारा ध्यान दिया जाना चाहिए।

कर्मचारियों ने नवम्बर का वेतन अभी तक खातों में नहीं डलने की भी शिकायत की। इस पर टीम ने प्वाइंट-टू-प्वाइंट सारे सुझाव नोट किए। इस दौरान कोटा आगार के मुख्य प्रबंधक आरसी जांगिड़ भी उनके साथ थे। उन्होंने बताया कि नयापुरा बस स्टैंड के विकास, विस्तार के लिए टीम को कर्मचारी, अधिकारियों ने भी अवगत कराया है। मुख्यालय से इस बस स्टैंड के विस्तार, विकास, मरम्मत के लिए सरकार से बजट आवंटित कराया जाएगा।

Read More: विदेशी मेहमानों ने राजस्थान में डाला डेरा...देखिए तस्वीरें

रंग लाए पत्रिका के प्रयास
नयापुरा बस स्टैंड की बदहालत पर 'पत्रिका' ने लगातार अभियान चलाकर यात्रियों को हो रही असुविधाओं को उजागर किया था। इस पर शहर में जन आंदोलन खड़ा हो गया था। नयापुरा बस स्टैंड, कलक्ट्री पर आए दिन धरना-प्रदर्शन हुए। आंदोलन की रिपोर्ट सरकार तक पहुंची तो सीएमडी ने टीम गठित कर बस स्टैंड का जायजा लेने के निर्देश दिए।