
नीट गाइडलाइन
कोटा. केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर नीट यूजी के सीनियर डायरेक्टर ने दिव्यांगों के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। इसके अनुसार नीट यूजी 2019 के ऑनलाइन आवेदन वे ही दिव्यांग कर सकेंगे, जो विभिन्न श्रेणियों के लिए पात्र होंगे।
प्रथम दिव्यांगता श्रेणी लोकोमोटिव डिसेबिलिटी 40 प्रतिशत से कम है तो विद्यार्थी मेडिकल कोर्स के लिए तो पात्र हैं, लेकिन वह दिव्यांग की श्रेणी में नहीं आएगा। यदि लोकोमोटिव डिसेबिलिटी 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के मध्य है तो विद्यार्थी दिव्यांग श्रेणी में आएगा तथा वह दिव्यांग श्रेणी से नीट-2019 के लिए आवेदन कर सकता है। यदि लोकोमोटिव डिसेबिलिटी 80 प्रतिशत से ज्यादा है तो विद्यार्थी मेडिकल कोर्स के लिए पात्र ही नहीं होगा।
सीनियर डायरेक्टर के हवाले से जारी नोट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि फि लहाल विद्यार्थी 7 दिसंबर 2018 से पूर्व दी गई गाइड लाइन के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर दें, क्योंकि यह गाइड लाइन समय अनुसार परिवर्तित हो सकती है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी 14 जनवरी से 31 जनवरी 2019 के मध्य पात्रता श्रेणी में आवश्यक परिवर्तन कर सकता है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के सैक्रेट्री जनरल डॉ. संजय श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया की मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के बोर्ड ऑफ गवनर्स ने मेडिकल यूजी कोर्स के लिए डिसेबिलिटी की अपर लिमिट से संबंधित एक संशोधन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को अनुमोदन के लिए भेजा था।
मंत्रालय का इस संशोधन के लिए यह आदेश था कि इस पर आम नागरिकों की राय ली जाए। आम नागरिकों की राय जानने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2018 थी। क्योंकि मंत्रालय द्वारा आम नागरिकों की राय पर निर्णय अभी बाकी है। 7 दिसम्बर नीट-2019 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि है। वर्तमान में इसके आधार पर ही दिव्यांग श्रेणियां निर्धारित की जा रही हैं। यदि आम नागरिकों के मतानुसार कोई संशोधन होता है तो उसे समयानुसार समायोजित कर लिया जाएगा।
Published on:
05 Dec 2018 01:29 pm
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