
न्यू हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बनाया इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू ) खुद वेंटीलेटर पर है। प्रबंधन की लापरवाही की वजह से आईसीयू की हालात जनरल वार्ड से भी बदतर हो गई है। आईसीयू में दस वेंटीलेटर स्थापित हैं, लेकिन दो ही काम कर रहे हैं। एक भी बेड एडजस्ट नहीं होता। उन्हें ईंट लगाकर एडजस्ट किया जाता है।
आईसीयू के 12 में से 9 एयर कंडीशनर खराब हैं। वेंटीलेटरों व एसी पर लिखा है कि वे खराब हैं, उन्हें चालू नहीं करें। कई वेंटीलेटरों को कपड़े से ढका हुआ है। आईसीयू की दीवारों में सीलन है। इससे स्टोर रूम में दवाइयां खराब हो रही हैं। चिकित्सालय प्रबंधन अति गंभीर और संवेदनशील मामले की जानकारी होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठा रहा। इस कारण रोगियों की जान को खतरा बना रहता है।
परिजन करते हैं रोगी को हवा
आईसीयू में इंफेक्शन फैलने के खतरे के कारण परिजनों को प्रवेश नहीं दिया जाता, लेकिन यहां इन्हें मजबूरी में प्रवेश दे दिया जाता है। क्योंकि एसी बंद हैं और पंखे हैं नहीं। मरीज को गर्मी लगती है तो परिजन ही हवा करते हैं।
प्रबंधन को कई बार बताया
आईसीयू वार्ड प्रभारी ने चिकित्सालय प्रबंधन को पांच बार इन सभी बातों के लिए लिखित में दिया है कि आईसीयू का वेंटीलेटर काम नहीं कर रहा है। गंभीर रोगी आने पर दिक्कत हो सकती है।
मैं स्वयं जाकर हालात देखता हूं
आईसीयू में गंभीर मरीजों को रखा जाता है, वेंटीलेटर, एबीजी मशीन, ऑक्सीजन पोइंट व एसी खराब होना चिंताजनक है। इसे में स्वयं जाकर देखता हूं।
डॉ. एसआर मीणा, प्रभारी अधिकारी

Published on:
06 Aug 2016 01:48 pm
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