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नई आरक्षण व्यवस्थाः मेडिकल कॉलेजों में अनारक्षित सीटों पर आरक्षित वर्ग को नहीं मिलेगा दाखिला

अब तक आरक्षण का लाभ, सामान्य कोटे की सीटें कुल मेरिट से भरने के बाद ही दिया जाता था। ऐसे में आरक्षण पाने वाली जातियों के कई प्रतिभाशाली छात्र अपने वर्ग से बाहर यानि सामान्य मेरिट में जगह बना लेते थे और इस तरह उनकी जगह उनके वर्ग के एक अन्य अभ्यर्थी को जगह मिल जाती थी। नए नियम से ऐसा संभव नहीं होगा।

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Vineet Kumar Singh

Jun 26, 2017

New Reservation Policy in medical colleges admission

New Reservation Policy in medical colleges admission

मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' के आरक्षण नियमों में इस वर्ष बड़ा बदलाव किया गया है। इससे अच्छे अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी सामान्य मेरिट में जगह नहीं बना पाएंगे। वहीं, कम अंक पाने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। इस बार ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए नई अनारक्षित कैटेगरी (यूआर) बनाई गई है।

इस श्रेणी में सामान्य वर्ग के साथ ही ओबीसी की क्रीमी लेयर और केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल न रहने वाले अभ्यर्थी होंगे। सीबीएसई नीट इंफॉरमेशन बुलेटिन में काउंसलिंग के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी यूआर दर्शाने के निर्देश हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सीके मिश्रा ने बताया कि रिजर्वड कैटेगरी (49.5%) व अनरिजर्वड कैटेगरी (50.5%) की अलग-अलग काउंसलिंग होगी।

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इन्हें होगा नुकसान

अलग-अलग काउंसलिंग करने का प्रभाव ये होगा कि वास्तव में पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कम सीटें बचेंगी।किसी ओबीसी उम्मीदवार के अंक सामान्य वाले के बराबर हैं तो वह ओबीसी कोटे की जगह सामान्य कैटेगरी में दाखिला ले लेता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उसे ओबीसी कोटे में ही प्रवेश मिलेगा। मतलब यह कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति-जनजाति के अभ्यर्थी सामान्य मेरिट में जगह नहीं बना पाएंगे। उन्हें उनकी कैटेगरी के अनुसार तैयार अलग मेरिट में ही जगह मिलेगी।

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इन्हें होगा फायदा

ठीक इसी तरह सामान्य जाति के ऐसे अभ्यर्थी जो अच्छा प्रदर्शन न करने के कारण कुल मेरिट में काफी पीछे हैं, उन्हें भी नई अनरिजर्वड कैटेगरी में ही जगह मिलने के कारण ठीक वैसा ही लाभ मिलेगा, जैसा पहले आरक्षित श्रेणियों को मिलता था। इससे अति पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को नई अनरिजव्र्ड कैटेगरी की मेरिट में जगह नहीं मिलेगी। आरक्षित सीटों पर दबाव बढ़ेगा।

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कार्ड पर होगी 'अनारक्षित' रैंक

पिछले साल तक सामान्य या ओबीसी उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड पर सिर्फ ऑल इंडिया रैंक के बारे में जानकारी होती थी। लेकिन इस साल से ओबीसी उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड पर भी ऑल इंडिया रैंक के साथ अपने अनारक्षित रैंक की भी जानकारी होगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा था

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रेल, 2017 में कहा था कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षित वर्ग में ही नौकरी मिलेगी, चाहे उसके सामान्य अभ्यर्थियों से ज्यादा अंक हों। जिसके बाद सीबीएसई ने देश भर के 470 मेडिकल कॉलेजों की 65,170 सीटों पर यह नई व्यवस्था लाग की है।

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