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कोटा. सत्तर के दशक में राजस्थान की औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले कोटा के उद्यमियों का अब उद्योगों से मोहभंग हो रहा है। अब वे उद्योगों की जमीन पर होटल, शैक्षणिक संस्थान व व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। इसकी बानगी हाड़ौती के सबसे बड़े इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में देखी जा सकती है। सबसे ज्यादा भू-रूपान्तरण इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में हुए हैं। इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्प्लेक्स में सभी आवंटी भू उपयोग परिवर्तन करवाना चाहते हैं, हालांकि सरकार से अनुमति नहीं मिली है।इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र अब शहर के बीच आ गया है। बड़े कोचिंग संस्थान इस क्षेत्र में संचालित हो रहे। इस कारण यहां सबसे ज्यादा हॉस्टल्स की संभावनाएं बढ़ी तो उद्यमियों ने उद्योगों की जगह हॉस्टल बनाने की सरकार से अनुमति मांगी है। हालांकि कानूनी उलझनों के कारण अभी तक यहां हॉस्टलों की अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र और इलेक्ट्रोनिक कॉम्प्लेक्स में सवा सौ से अधिक हॉस्टल बन गए हैं। इनका नियमन नहीं हुआ है।
200 से अधिक आवेदन लम्बित
इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग की जगह होटल, स्कूल,कॉलेज, अस्पताल, हॉस्टल आदि संचालित करने के लिए उद्यमियों ने रीको में भू उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन किया है। रीको के मुताबिक भू उपयोग परिवर्तन के लिए दो सौ से अधिक फाइलें आई हैं। अभी तक क्षेत्र में केवल चार होटलों को अनुमति मिली है। इसमें राजनीति से जुड़े प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं।
खड़े हो गए हॉस्टल
रीको ने उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए भूखण्ड उपलब्ध कराए थे लेकिन अब यहां हॉस्टल खड़े हो गए हैं। इलेक्ट्रोनिक कॉम्प्लेक्स में 95 भूखण्ड है, ज्यादातर आवंटियों ने भू उपयोग के लिए आवेदन कर रखा है। 90 फीसदी आवंटी यहां हॉस्टल संचालित करना चाहते हैं। 60 फीसदी आवंटियों ने तो बिना भू उपयोग परिर्वतन के हॉस्टल खड़े भी कर दिए हैं।
60 भूखण्डों का आवंटन निरस्त
रीको के अधिकारियों ने बताया कि बिना उपयोग परिवर्तन के मनमाने तरीके हॉस्टल व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने पर हाल में इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र व इलेक्ट्रोनिक कॉम्प्लेक्स में करीब 60 भूखण्डों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इसमें कोटा कॉपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी का बेशकीमती भूखण्ड भी शामिल है। इसे सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बिना उपयोग परिवर्तन किए एक टेंट व्यवसायी को किराए पर दे दिया था।
बंद करना चाहते हैं पत्थर इकाइयां
इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में सबसे ज्यादा कोटा स्टोन की स्पलिटिंग इकाइयां संचालित है। पत्थर व्यवसायिक जितेन्द्र फतनानी का कहना है कि सरकार की नीतियों के चलते पत्थर उद्योग बेदम हो गया है। इस कारण कोटा स्टोन के उद्यमी यहां होटल, हॉस्टल व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना चाहते हैं।
औद्योगिक क्षेत्रों में भू उपयोग परिवर्तन का निर्णय लैण्ड कन्वर्जन कमेटी ही करेगी। सभी आवेदन पत्रों को कमेटी को भेज रखे हैं। बिना अनुमति के औद्योगिक भूखण्ड पर अन्य गतिविधियां संचालित करने पर भूखण्ड निरस्त कर दिए गए हैं। -पी.आर. मीणा वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको
फैक्ट फाइल
इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र
1000
औद्योगिक भूखण्ड
125
हॉस्टल संचालित
4
होटल संचालित
4
बड़े कोचिंग संस्थान संचालित
Published on:
09 Aug 2018 08:00 am
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