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डस्टर व ब्लैक बोर्ड का जमाना गुजरा, अब स्मार्ट हुए सरकारी स्कूल

एक समय था जब सरकारी स्कूलों में हाथ में चाक एवं डस्टर थामे गुरुजी ब्लैक बोर्ड पर लिखकर विद्यार्थियों को समझा कर पढ़ाया करते थे। चाक से उड़ती धूल पंखे की हवा के साथ पूरे कमरे में उड़ती रहती थी, लेकिन सरकारी स्कूलों में डस्टर, ब्लैक बोर्ड के जरिए पढ़ाई अब बीते जमाने की बात हो गई है। कोटा जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर व स्मार्ट टीवी से होने लगी है।

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कोटा

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Abhishek Gupta

Dec 13, 2023

डस्टर व ब्लैक बोर्ड का जमाना गुजरा, अब स्मार्ट हुए सरकारी स्कूल

डस्टर व ब्लैक बोर्ड का जमाना गुजरा, अब स्मार्ट हुए सरकारी स्कूल

एक समय था जब सरकारी स्कूलों में हाथ में चाक एवं डस्टर थामे गुरुजी ब्लैक बोर्ड पर लिखकर विद्यार्थियों को समझा कर पढ़ाया करते थे। चाक से उड़ती धूल पंखे की हवा के साथ पूरे कमरे में उड़ती रहती थी, लेकिन सरकारी स्कूलों में डस्टर, ब्लैक बोर्ड के जरिए पढ़ाई अब बीते जमाने की बात हो गई है। कोटा जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर व स्मार्ट टीवी से होने लगी है।

कोटा जिले के 213 स्कूलों में हाल ही में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने स्मार्ट टीवी लगाई गई है। ये ऐसे स्कूल है, जहां कक्षा 9वीं से 12वीं कक्षा तक विषय विशेषज्ञों के पद खाली है। विद्यार्थियों को पढ़ाने वाला कोई नहीं है। स्मार्ट टीवी के साथ कंटेंट के लिए हार्ड ***** भी दी गई है। जिसके जरिए स्टूडेंट को पढ़ाई करवाई जा रही है।

समझाने का आसान तरीका

डिजिटल बोर्ड की कक्षा में बड़ी एलसीडी स्क्रीन या प्रोजेक्टर के साथ ही, हाईटेक स्पीकर, स्मार्ट बोर्ड सामान्य कक्षा नहीं बल्कि आधुनिकता का अहसास कराती है। बिजली गुल होने से अव्यवस्था न हो इसके लिए कई स्कूलों में इन्वर्टर की भी व्यवस्था की जा रही है। स्मार्ट क्लास में भूगोल विषय के मानचित्र समझना हो या फिर भारतीय इतिहास को जनाना हो सभी चित्र और वीडियो के जरिए बताया जा रहा है। जिससे समझना और समझाना आसान हो जाता है।

यह भी एक फायदा

स्मार्ट पढ़ाई में एक फायदा यह भी है कि इसमें बच्चों को ऑनलाइन तरीके के साथ ही वीडियो आधारित कंटेंट से भी पढ़ाया जा सकता है। इसमें कई तरह का स्टडी मटेरियल ऑनलाइन रहता है। जिसे ओपन कर छात्र पढ़ सकते हैं। स्मार्ट तरीके से पढ़ाई में एक तरफ वीडियो दिखाने की सुविधा होती है। छात्र-छात्रों को ऑडियो और वीडियो के माध्यम से समझाया जा रहा है।

इनका यह कहना

कोटा जिले के सरकारी स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर व स्मार्ट टीवी लगाई जा रही है। स्कूली शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन के निर्देशन में परिषद के माध्यम से हाल ही में कोटा जिले के 213 स्कूलों में स्मार्ट टीवी लगाई गई है। ये ऐसे स्कूल है, जिनमें सब्जेक्ट टीचर्स नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई में फायदा मिलेगा।

ऊषा पंवार, एडीपीसी, समसा, कोटा