
atikraman in sangod
जानकारी के अनुसार हरिपुरा रोड पर लोटाखेड़ा हनुमान मंदिर से सटी चरागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमणों को स्थानीय प्रशासन अब भी नजरअंदाज कर रहा है। इसके चलते अतिक्रमियों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। हालांकि मामला सामने आने पर तहसील प्रशासन ने इक्के-दुक्के स्थानों से पत्थर जरूर हटवाए, लेकिन यह कोई ठोस कार्रवाई नहीं थी। ऐसे में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करवाने की राज्य सरकार की मंशा सिरे नहीं चढ़ रही।
Read More : सरकारी पैसा है, जाए भाड़ में इनकी बला से....
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी तहसील कार्यालय में ज्ञापन देकर हटवाने की मांग रखी। उल्लेखनीय है कि यहां लोटाखेड़ा मंदिर के पास करीब डेढ़ सौ बीघा चरागाह भूमि है। पहले यहां लोगों की आवाजाही नहीं थी। बीते दो सालों में जब से यहां मंदिर का विकास हुआ है, लोगों का आना-जाना भी इस क्षेत्र में बढ़ा है।
चहल-पहल बढऩे के साथ ही सडक़ से सटी भूमि पर अतिक्रमियों की निगाह पड़ी और प्रशासनिक ढिलाई का फायदे उठाते हुए क्षेत्र में सडक़ की दोनों साइडों में बड़े-बड़े भूखण्ड के लिए पत्थरों की लाईनिंग कर दी है। कई लोगों ने तो चूना डालकर बड़े-बड़े भूखण्ड पर कब्जा जमा लिया है तो कईयों ने दीवार बनाने के लिए पत्थर डालना शुरू कर दिया। सेवादल कांग्रेस के नगर अध्यक्ष राकेश कुमावत ने बताया कि कई खेत मालिकों ने चरागाह जमीन पर कब्जा कर खेती करना शुरू कर दिया है।
कुछ दिनों पूर्व मामला सामने आया तो तहसील प्रशासन ने यहां कार्रवाई की, लेकिन कुछ लोगों के पत्थर हटाकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। ठोस कार्रवाई नहीं होने से अब भी यहां अतिक्रमण का सिलसिला बदस्तूर जारी है। मामले को लेकर फिर तहसीलदार को ज्ञापन दिया है। जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।
Updated on:
3 Feb 2018, 6:29 PM IST
Published on:
3 Feb 2018, 9:30 AM IST
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.