
Om Birla launched a unique initiative For woman literacy
स्कूल ड्रेस पहने दादी और नानियां भी अब बस्ता टांगकर स्कूल जाएंगी। चौंकिए मत, इसी महीने आप इसे हकीकत में बदलता हुआ देखेंगे। दरअसल महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करने तमाम सरकारी योजनाएं चल रही हैं, लेकिन उम्र के आखिरी पड़ाव पर खड़ी महिलाएं इन योजनाओं का हिस्सा नहीं बन पाती। कभी लोक-लाज की वजह से तो कभी प्रोत्साहन की कमी की वजह से। कोटा बूंदी लोकसभा के सांसद ओम बिरला ने इस कमी को दूर करने का फैसला लिया है। महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपने खर्च पर एक अनूठी योजना शुरू की है। ड्रेस में सजी नानियों का बैग टांगकर स्कूल जाना होगा इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण आकर्षण होगा। जिसका सारा खर्च सांसद बिरला खुद उठाएंगे।
30 अक्टूबर से होगी शुरआत
लोगों को साक्षर बनाने के लिए कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र के सांसद ओम बिरला ने एक अनूठी पहल की है। सरकारी योजनाओं की बजाय वह खुद महिला साक्षरता का ग्राफ बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में मातृ ज्ञान केन्द्र शुरू करेंगे। ऐसी पाठशालाएं गृहस्थ महिलाओं को शिक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की जाएंगी। जिले का पहला मातृ ज्ञान केन्द्र का शुभारंभ सांसद एवं सांगोद विधायक हीरालाल नागर ग्राम कचनावदा में 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे करेंगे।
योजना शुरू करने से पहले हुआ सर्वे
सांसद बिरला ने बताया कि दौरे के समय ग्रामीण महिलाओं से बात करने पर उनकी अशिक्षा के बारे में जानकारी होती थी तो ऐसी महिलाओं को शिक्षित करने की बात मन में आई। कोटा जिले के कई गांवों में सर्वे करवाया तो बड़ी संख्या में गृहस्थ महिलाएं अशिक्षित होने की जानकारी आई। लिहाजा, ऐसी महिलाओं के लिए स्कूल खोलने की योजना तैयार की है। इन केन्द्रों में समाज और परिवार के ऐसे आधार को शिक्षा मिलेगी जो कि संस्कार और परम्पराओं को अगली पीढ़ी में स्थानान्तरित करता है। महिलाएं शिक्षा का महत्व समझें, परिवार के बालक-बालिकाओं को अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रयासरत हों, इसी सोच के साथ मातृ ज्ञान केन्द्र शुरू किए जा रहे हैं।
गणवेश में दिखेंगी
सांसद ने बताया कि चम्बल फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल लिमिटेड के द्वारा सीएसआर के तहत सारोला पंचायत के ग्राम कचनावदा में इस तरह का स्कूल खोला जा रहा है। ग्राम के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रतिदिन सायं 4.30 से 6.30 बजे तक मातृ ज्ञान केन्द्र का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मातृ ज्ञान केन्द्र पर आने वाली महिलाओं को एक तरह की साड़ी (गणवेश) बेग, स्टेशनरी सहित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
Published on:
28 Oct 2017 03:51 pm
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