
मरीज के साथ खड़ी डॉक्टरों की टीम
कोटा. कोटा के एक निजी चिकित्सालय की कार्डियक टीम ने 100 साल से ज्यादा बुजुर्ग मोहम्मद युसूफ को पेसमेकर लगाकर रिकॉर्ड बनाया है। ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों के मुताबिक, उम्र और शारीरिक िस्थति को देखते हुए ऑपरेशन काफी जटिल था। सफलता के चांस 30 फीसदी से भी कम थे, लेकिन आधुनिक विधि से ऑपरेशन सफल रहा। भारत में इससे पहले 118 वर्षीया करतार कौर को फिरोजपुर में पेसमेकर लगाया गया था। विश्व में केवल 5 शतायु पार मरीजों को पेसमेकर लगने का रेकॉर्ड उपलब्ध है।
सुधा अस्पताल के ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषोत्तम मित्तल ने बताया कि 19 मई को इमरजेंसी में 107 साल के केशवपुरा निवासी मोहम्मद यूसुफ को बेहोशी की हालात में भर्ती कराया गया था। उनकी सांसें उखड़ी हुई थी और शरीर निष्कि्य था। धड़कन 25 की गति से चल रही थी। यूसुफ दो वर्ष से इस तरह की तकलीफ से परेशान थे, लेकिन वृद्धावस्था को देखते हुए अन्य चिकित्सकों ने ऑपरेशन से मना कर दिया था।
दो घंटे चली सर्जरी
डॉ. मित्तल ने बताया कि मरीज को पहले 24 घंटे पूर्णतया ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम पर रखा। जांच में हार्ट ब्लॉक होने पर टेंपरेरी पेसमेकर पर लगाया तो शरीर में हलचल प्रारंभ हुई। मरीज की सेंट्रल वेन व हृदय की रक्त वाहिनी कमजोर व टेढ़ी-मेढ़ी हो चुकी थी, जिस कारण पेसमेकर की लीड को हृदय के अंदर डालना अत्यधिक जटिल व खतरे का कार्य था। 20 मई को डॉ. मित्तल के साथ निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राकेश मालव, सीटीवीएस सर्जन डॉ. पलकेश अग्रवाल, कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण कोठारी की टीम ने 2 घंटे में सर्जरी कर परमानेंट पेसमेकर लगाया। डॉ. सुनील, डॉ. राकिब व डॉ. जयप्रकाश ने भी ऑपरेशन में सहयोग किया। अभी मरीज स्वस्थ है।
परिवार में 46 सदस्य
बेटे मोहम्मद जाहिद ने बताया कि पिता मूलत: झालावाड़ से हैं और मध्यप्रदेश पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हैं। उनके दोबारा दांत, दाढ़ी व कान पर काले बाल उग गए। मां भी शतायु हो चुकी हैं। परिवार में 46 सदस्य हैं, जिसमें 6 बेटे व 1 बेटी, 26 पोते व 11 पड़पोतियां हैं। परिजनों के अनुसार, पिता की सेवानिवृत्ति 1978 में होनी थी, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने उनकी परफोर्मेंस को देखते हुए दो साल एक्सटेंशन दिया था। 1980 में वे रिटायर हुए।
Published on:
25 May 2023 10:28 pm
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