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मुकुन्‍दरा हि‍ल्‍स टाइगर रि‍जर्व में मौत का रास्‍ता है ये रेलवे ट्रेक, अब पैंथर की बलि‍ चढी

दरा अभयारण्य स्थित बालाजी मंदिर के पास गुरुवार सुबह साढे आठ बजे ट्रेन की टक्कर से पैंथर की दर्दनाक मौत हो गई।

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कोटा

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Zuber Khan

May 10, 2018

Panther's death from train collision

रामगंजमंडी. काेटा के पास Mukundara Hills Tiger Reserve में बालाजी मंदिर के पास गुरुवार सुबह साढे आठ बजे ट्रेन की टक्कर से पैंथर की दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव रैंजर कार्यालय ले गए। जहां पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। कोटा से भी चिकित्सा टीम रामगंजमंडी के लिए रवाना हो गई है।

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जानकारी के अनुसार Mukundara Hills Tiger Reserve की सीमा से जुड़े दरा अभयारण्य में ढाई वर्षीय पैंथर पानी की तलाश में जंगल से बाहर निकला था। अबली मीणी महल के पास घुमाव पर रेल लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गया। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसका शव उछल कर दिल्ली-मुंबई ट्रैक की डाउन लाइन पर जा गिरा। सूचना पर ग्रामीण व वन्यजीव प्रेमी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और वन विभाग के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं
वन्यजीव प्रेमियों ने बताया कि अभयारण्य में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से चारदीवारी बनवाई गई है लेकिन बाउंड्रीवाल की ऊंचाई काफी कम होने से वन्यजीव कूद कर पटरी तक पहुंच जाते हैं। तेज गर्मी के कारण अधिकतर वाटर प्वांट सूख गए हैं। ऐसे में पानी की तलाश में वे जंगल के अन्य हिस्सों की ओर कूच करते हैं। इसके लिए उन्हें पटरी पार करनी पड़ती है। ऐसे में कई बार वन्यजीव ट्रेन की चपेट में आने से अकाल मौत का शिकार हो जाते हैं।

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बब्बर शेर की हो चुकी मौत
दरा अभयारण्य में करीब 10 साल पहले राजधानी ट्रेन की चपेट में आने से बब्बर शेर की मौत हो गई थी। हादसे के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद वन विभाग ने वन्जीवों की सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण करवाया। लेकिन, दीवार की ऊंचाई कम होने तथा फेंसिंग नहीं होने के कारण वन्यजीव आसानी से छलांग लगाकर दीवार पार कर जाते हैं।