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नहीं भूलेंगे लड़ाई के हथियार, कोरोना का जीवन चक्र तोड़ेंगे

पत्रिका दिवास क्लब के सदस्यों ने शुरू की जागरूकता की मुहिम  

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कोटा. कोरोना वायरस का मुकाबलना करने के लिए सोमवार से लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू हो रहा है। देश दुनिया के साथ कोटा शहर में भी लगातार कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। ऐसे में जीवन शैली में बदलाव जाने की जरूरत है। राजस्थान पत्रिका के दिवास क्लब से जुड़ी सदस्यों में जीवन शैली में बदलाव के लिए अपने अंदाज में संदेश दिए हैं। इनमें कुछ संदेश प्रस्तुत हैं। जागरूकता कार्यक्रम की समन्वयक श्रद्धा लाहोटी ने बताया कि सदस्य लगातार घर-परिवार के लोगों को कोरोना के प्रति सतर्क करने के लिए जागरूक करेंगी। जागरूकता कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए स्लोगन और संदेश लेखन कार्यक्रम का ऑनलाइन आयोजन किया गया। सदस्य गुंजन नागर ने बताया कि अब सबको पता है कि कोरोना से लडऩे के क्या हथियार हैं, उन्हें याद रखने के लिए प्रेरित करते रहेंगे और कोरोना का कुचक्र तोड़ेंगे।

यदि बचना इससे है तो
एक अनूठी ढाल जरूरी है
जब भी छीको-खांसो तुम
मुंह पर रूमाल जरूरी है
शिखा जैन

जंतु जगत में न दूजा बड़ा
बुद्धि से दें ऊर्जा को दिशा
प्रकृति जीवन, राही जगत
कर सन्तुलन हो उन्नत
डॉ पुरवा अग्रवाल, सिविल लाइन

जीतेगा मानव, हारेगा कोरोना
घर रहकर पूरी होगी ये लड़ाई।
ये रखो याद, मास्क पहन कर करो काम
हाथ धोना है बार-बार, भीड़ से रहे परहेज।
श्रृद्धा लाहोटी, छावनी, कोटा

दो माह बीत गए, लॉकडाउन, सेनेटाइजर जैसे नाम रटे गए।
सोशल मीडिया पर बच्चे पढ़ाए गए, अब द$फ्तर भी ऑनलाइन हो गए।।
लंबे जनत से ही पहले जैसा होगा सबकुछ, पर अभी करना बहुत कुछ।
गुंजन नागर, दादाबाड़ी

घर की ग्रहणी हूं..
मुझ में रूप अनेक समाते हैं...
मां, बेटी, बहू बनी...
चलो अब एक सिपाही का रूप अपनाते हैं...
स्वच्छ रखूंगी, भीड़ से दूर रखूंगी,
चलो कुछ नए रस्मों रिवाज ...हम बनाते हैं...
मुंह के मास्क को,
अपना मजबूत सुरक्षा कवच मानते हैं...
नई सोच से नई उमंग से,
भारत को कोरोना मुक्त हम कराते हैं...
साक्षी खंडेलवाल
न्यू राजीव गांधी नगर, कोटा

गांव-गांव, ढाणी-ढाणी यहीं अलख जगाते हैं।
भारत की संस्कृति को तुरन्त अपनाते हैं।।
बाहर से लौटकर, घर की चौखट पर।
स्वच्छता के साथ हाथ, पैर व मुंह धोकर,
गृह प्रवेश करें।।
सुनीता माथुर, बल्लभबाड़ी

पापा मम्मी घर में रहो, बाहर कोरोना है, सब मिल साथ रहेंगे, किसी को नहीं खोना हैÓ सबको मिलकर लडऩा है जल्दी ही इस को हराना है, देश हमारा प्यारा है फिर से एक साथ सबको मिलकर मुस्कुराना है।
प्रियंका गुप्ता, बजरंग नगर, कोटा

घर में रहें हम हरवक्त
बाहर न निकले बेमतलब
हाथ धोएं होकर सजग
मुंह पर हो मास्क हरदम
दो गज की दूरी का रखें ध्यान हर क्षण
कोरोना के कर्मवीरों को मिले सम्मान हरपल
कोरोना तोड़ेगा तभी दम
जीवन में बज उठेगी फिर से सरगम।
विनीता लाहोटी

घर में रहें हरदम
मास्क लगाए हम
हाथ धोए लगाकर दम
कोरोना को भगाएं मिलकर हम
पुलिस, डॉक्टर और प्रशासन का करें सहयोग
समय निकालकर सब करें ध्यान और योग
यह समय भी निकल जाएगा और बन जाएंगे अच्छे संयोग
आशिता माहेश्वरी

कुछ सिखाकर ये दौर भी गुजर जाएगा।
फिर एक बार हर इंसान मुस्कुराएगा।।
मायूस न होंगे अगर इस बुरे वक्त से।
हिम्मत और धैर्य से करेंगे मुकाबला इस समय का।।
निश्चित खुशहाली का दौर पुन: लौट आएगा।
सोशल डिस्टेंस बनाए रखना है, प्रशासन का सहयोग करना है।।
मंजू आदर लुंकड़

जब से जग में फैला है कोरोना
मुश्किल हो गया है सबका जीना
जिंदगी हो गई है बेहाल
घर घर पहुंचा दो ये आवाज
अब जीना है मास्क और सेनेटाइजर के साथ
पूजा गुप्ता

पल यह आया है कैसा..
हर शक्स दिखता सिपाही सा..

जंग छिड़ी है हर घर के बाहर..
अंदर रहना...बना अमृत सा!!
भारती लाहोटी,
कोटा

दूर-दूर रहकर ही
जंग यह जीती जाएगी..
मास्क पहनकर ही..
आपकी समझदारी दिख जाएगी...
विमला पाबुवाल
न्यू राजीव गांधी नगर


अपनी सुरक्षा अपने हाथ में।
जब में और तू हम दोनों होंगे साथ में।
मास्क और सैनिटाइजर रखेंगे हमेशा साथ में।
आपसी दूरियां होंगी पर मन होगा पास में।
हारेगा कोरोना और जीतेगा हिंदुस्तान।
सुनीता कबरा तलवंडी

मास्क पहनना वेंटीलेटर से बेहतर
घर में रहना आईसीयू से बेहतर
हाथ धोना जिंदगी सें हाथ धोने से बेहतर
रितु अग्रवाल

करना है तो करो नमस्ते
शेक हैंड मत करो, खाना शाकाहार करो।
संगीता माहेश्वरी

हम से हम में फैलता
जिन्दगी से खेलता
शत्रु है बड़ा निकट
रहो ना निकट निकट
हाथ धोए बार-बार
दूर से नमस्कार
हम जो रुक जाएंगे
पर इसी से हो पाएंगे
आभा गुप्ता

भला किसी का
कर न सको तो
बुरा किसी का
मत करना ...
कोरोना रोक नहीं
सकते तो
फैलाया भी मत
करना
दिव्या नागपाल

दो गज की दूरी बना लो,
कोरोना को जड़ से मिटा लो,
डॉक्टर सफाई कर्मी व पुलिसकर्मी,
आज यही है हमारी सम्मानित आर्मी,
इनकी सेवा त्याग और बलिदान से,
फिर मुस्कुराएगा हिंदुस्तान शान से।
सुचिता जैन

सुरक्षा ही जीवन का अर्थ है।
सुरक्षा बिना सब व्यर्थ
नितिका गोयल

कुछ ही दिनों की
बात है, चलो घर मे
रहकर देशभक्ति
निभाते है
सब एकजुट होकर
हिदुस्तान से
कोरोना को भगाते है
दिव्या नागपाल

कोरोना को भगाना है तो मुंह पर मास्क लगाना है
भीड़ में नहीं जाना है सबको यही सिखाना है
संगीता गोयल

कोरोना को है भगाना,
देश को है आगे बढ़ाना,
स्वदेशी है अपनाना,
बस सावधानी से जीवन बिताना
आरती अग्रवाल